भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से सुल्तानगंज-अगुवानी गंगा पुल का निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। बाढ़ का पानी आने से प्रोजेक्ट कंपनी का सुल्तानगंज कार्यालय डूब गया है और जरूरी मशीनें तथा तकनीकी उपकरण पानी में डूब गए हैं।
प्रोजेक्ट मैनेजर रवि शंकर सिंह ने पुष्टि की है कि जलस्तर बढ़ने से कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है और सभी तकनीकी गतिविधियां रोकनी पड़ी हैं। कंपनी के अधिकारियों ने पानी बढ़ने की आशंका से पहले ही कुछ सामान हटा लिया था, लेकिन अचानक पानी आने से भारी उपकरण खराब हो गए हैं। सिंह ने बताया कि कुल नुकसान का सही आकलन पानी उतरने के बाद ही किया जा सकेगा।
4 सितंबर 2026 तक गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे इलाके के निचले हिस्से प्रभावित हुए हैं। यह बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के लिए एक बड़ा झटका है, जो इस चार लेन प्रोजेक्ट की देखरेख कर रहा है। इससे पहले 26 जून 2026 को सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर शशि भूषण सिंह और प्रोजेक्ट डायरेक्टर संजय कुमार ने दावा किया था कि नवंबर या दिसंबर 2027 की समयसीमा को पूरा करने के लिए मानसून में भी काम जारी रहेगा, लेकिन मौजूदा बाढ़ के कारण काम पूरी तरह रोकना पड़ा है।
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 19 जुलाई 2026 को सुल्तानगंज में जलस्तर 31.81 मीटर और भागलपुर में 29.33 मीटर दर्ज किया गया था, जो उस समय 33.68 मीटर के खतरे के निशान से नीचे था। लगातार हो रही बारिश के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन और सिंचाई विभाग सहित स्थानीय प्रशासनिक निकाय हाई अलर्ट पर हैं।