सावधान! भागलपुर में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा, तटबंधों पर बढ़ा दबाव और अलर्ट जारी

भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है।
- गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और अगले एक हफ्ते तक वृद्धि की संभावना है।
- इस्माइलपुर-बिंद टोली में पानी चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया है।
- दीयारा क्षेत्रों में फसलें बर्बाद हुई हैं और अजगैबीनाथ मंदिर के पास दुकानें जलमग्न हो गई हैं।
- जल संसाधन विभाग तटबंधों की 24 घंटे निगरानी कर रहा है।
जलस्तर की ताजा स्थिति
बुधवार, 19 अगस्त 2026 को सुबह 6:00 बजे तक भागलपुर गेज पर जलस्तर 31.99 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (33.68 मीटर) से 1.69 मीटर नीचे है। पिछले आठ घंटों में इसमें 11 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। वहीं, इस्माइलपुर-बिंद टोली में जलस्तर 30.75 मीटर रहा, जो चेतावनी स्तर (30.60 मीटर) से 15 सेंटीमीटर ऊपर और खतरे के निशान (31.60 मीटर) से 85 सेंटीमीटर नीचे है।
वर्तमान में पानी लगभग 1.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ रहा है और अधिकारियों का अनुमान है कि अगले एक हफ्ते तक यह बढ़त जारी रहेगी।
तटबंधों की स्थिति और अन्य नदियों का हाल
इस्माइलपुर-बिंद टोली तटबंध, खासकर स्पुर 5 और 6 के बीच नदी का भारी दबाव है, जिससे कटाव का खतरा बढ़ गया है। सुल्तानगंज में भी जलस्तर चेतावनी निशान को पार कर गया है। इसके अलावा, मद्रौनी में कोसी नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटों में 8 सेंटीमीटर बढ़कर 30.03 मीटर तक पहुंच गया है।
बाढ़ नियंत्रण के अधिशासी अधिकारी आदित्य प्रकाश ने जलस्तर में वृद्धि की पुष्टि की है। अधिशासी अभियंता ई. गौतम कुमार ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और नौगछिया अनुमंडल सहित सभी तटबंध फिलहाल सुरक्षित हैं। जल संसाधन विभाग सभी तटबंधों और नदी की स्थिति पर 24 घंटे नजर रख रहा है।
स्थानीय प्रभाव और सरकारी तैयारी
बाढ़ के पानी ने अजगैबीनाथ मंदिर को घेर लिया है, जिससे पास की दुकानें डूब गई हैं और नदी घाटों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दीयारा क्षेत्रों में पानी घुसने से फसलों को नुकसान हुआ है, जिससे स्थानीय लोग चिंतित हैं। इसके अलावा, बक्सर और कुशीनगर में भी कटाव और बाढ़ का खतरा है, जहाँ नेपाल में भारी बारिश के कारण नारायणी नदी प्रभावित हुई है।
तैयारियों के तहत, बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने 155.02 करोड़ रुपये की लागत वाली 76 कटाव रोधी परियोजनाओं को मंजूरी दी है।