गंगा का बढ़ता पानी! भागलपुर में बाढ़ का खतरा

MyBhagalpur Team3 September 20261 min read44 viewsSad/Bad
गंगा का बढ़ता पानी! भागलपुर में बाढ़ का खतरा

भागलपुर के अकबरनगर में गुरुवार को गंगा नदी के जलस्तर में करीब एक फीट की बढ़ोतरी हुई है। इससे दियारा क्षेत्र के किसानों और पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। हफ्ते की शुरुआत में पानी घटने के बाद यह नया उछाल आया है। चनन बयार और आसपास के निचले इलाकों में पहले से ही जलभराव है, और अब बढ़ते पानी ने खेती की और जमीन तथा रास्तों को डुबो दिया है। किसानों को अपने मवेशियों की सुरक्षा के लिए उन्हें नेशनल हाईवे-80 के किनारे या स्कूलों में बांधना पड़ रहा है।

किन इलाकों पर असर

इसका असर खेरैइया, भवनाथपुर, मोतीचक, शाहबाद और पैन सहित कई इलाकों में दिख रहा है। 3 सितंबर 2026 तक भागलपुर में गंगा खतरे के निशान से सिर्फ 26 सेंटीमीटर नीचे थी। कहलगांव में नदी खतरे के निशान से 84 सेंटीमीटर ऊपर बहकर 31.93 मीटर पर पहुंच गई है। इससे टोफिल, अंथावां, पकड़तल्ला, अमापुर और एकचारी स्टेशन के पास सैकड़ों घर फिर से डूब गए हैं। कुआं, भायना, गेरुआ और घोघा जैसी सहायक नदियों का पानी धान, मक्का, हरी मिर्च, ढैंचा और अरहर की फसलों में भर गया है।

बिहार में बाढ़ की स्थिति

पूरे बिहार में बाढ़ का संकट है, जहां 13 जिलों में कोसी सहित नौ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। भागलपुर बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यकारी इंजीनियर आदित्य प्रकाश ने बताया कि 2 सितंबर को जलस्तर 33.24 मीटर था, जो बढ़कर 34.33 मीटर तक पहुंचने का अनुमान है। यह 33.68 मीटर के खतरे के निशान से 65 सेंटीमीटर ज्यादा है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है क्योंकि गंगा, सोन और पुनपुन नदियां खतरा बनी हुई हैं। राघोपुर में जमींदारी बांध का करीब 250 मीटर हिस्सा कटने से कटाव की समस्या और बढ़ गई है।

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