भागलपुर के दियारा क्षेत्रों में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सोमवार को गंगा का पानी बढ़ने से अकबरनगर के दियारा क्षेत्रों में भारी परेशानी हुई। अकबरनगर, अंग्रेजी छिचराउन, भवनाथपुर, कस्माबाद, पैन और श्रीरामपुर में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ के पानी से खड़ी फसलें डूब गई हैं और कई किसानों की झोपड़ियां (बसा) भी जलमग्न हो गई हैं।
मोतीचक, कस्माबाद, दशराशिया और मकांडपुर में खेती को भारी नुकसान हुआ है। खेतों के डूबने से मवेशियों के लिए चारे की भारी कमी हो गई है। जिन दियारा इलाकों में अभी बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है, वहां किसान नावों के जरिए अपने जानवरों के लिए चारा ला रहे हैं। स्थानीय किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर अगले दो दिनों तक जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा, तो चारे की कमी और अधिक बढ़ जाएगी। किसान मनोज मंडल ने बताया कि उन्होंने अपने मवेशियों को खिलाने के लिए एक बार फसल की कटाई कर ली थी, लेकिन दूसरी कटाई पूरी होने से पहले ही बाढ़ के पानी ने खेतों को डुबा दिया, जिससे फसल नुकसान और पशुओं के चारे की कमी का दोहरा संकट पैदा हो गया है।
दियारा के अलावा, बढ़ते जलस्तर का असर बधियार क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है। चनन नदी के आसपास के लगभग 70 प्रतिशत किसानों के खेत अब पानी में डूबे हुए हैं। बढ़ते पानी का असर छिट मकांडपुर, बसंतपुर, हरियो और गंगापुर गांवों में भी देखने को मिल रहा है।