भागलपुर से गौतम वेदपानी की रिपोर्ट के अनुसार, भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे पूरे जिले में निगरानी बढ़ा दी गई है। बुधवार को सुबह 11 बजे भागलपुर में गंगा का जलस्तर 32.71 मीटर दर्ज किया गया। अधिकारियों का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में यह खतरे के निशान 33.68 मीटर तक पहुंच सकता है।
- बुधवार सुबह 11 बजे भागलपुर में जलस्तर 32.71 मीटर दर्ज हुआ।
- अगले 24 घंटों में खतरे के निशान 33.68 मीटर तक पहुंचने की आशंका है।
- गोपालपुर में डायवर्जन बहने से 25000 लोगों की कनेक्टिविटी कटी।
- प्रशासन सभी संवेदनशील तटबंधों और स्परों पर लगातार नजर रख रहा है।
यह बढ़ोतरी 30 सितंबर को दर्ज की गई भारी वृद्धि के बाद हो रही है, जहां बक्सर में जलस्तर 54 सेंटीमीटर और पटना के दीघाघाट में 71 सेंटीमीटर बढ़ा था। जल संसाधन विभाग के अनुसार, इस्माइलपुर-बिंदटोली क्षेत्र में नदी पहले ही खतरे के निशान को पार कर चुकी है। गंडक और सोन नदियों से भारी पानी छोड़े जाने के कारण अगले तीन से चार दिनों में गंगा में लगभग एक मीटर की और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
क्षेत्रीय आंकड़ों के अनुसार अलग-अलग जगहों पर स्थिति अलग है। कहलगांव में जलस्तर 30.74 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरा निशान 31.09 मीटर है। सुलतानगंज में जलस्तर 35.08 मीटर तक पहुंच गया है, जो 34.50 मीटर के खतरे के निशान से ऊपर है। अजमाबाद में भी जल स्तर चेतावनी सीमा से ऊपर बताया जा रहा है। दीघाघाट पर जल स्तर 49.69 मीटर दर्ज किया गया, जबकि हाथीदह में यह 41.67 मीटर तक पहुंच गया, जो 41.76 मीटर के खतरे के स्तर से ठीक नीचे है।
हालांकि जल संसाधन विभाग का कहना है कि फिलहाल किसी बड़ी बाढ़ आपदा की आशंका नहीं है, लेकिन भागलपुर जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। गोपालपुर में बाढ़ के पानी से एक डायवर्जन बह जाने के कारण चार पंचायतों के 25,000 निवासियों की आवाजाही ठप हो गई है। स्थिति से निपटने के लिए अधिकारी सभी संवेदनशील तटबंधों और स्परों पर लगातार नजर रख रहे हैं।