भागलपुर में गंगा का पानी घटने लगा, लेकिन कटाव और बाढ़ का खतरा जारी

30 अगस्त 2026 तक भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर घटने लगा है, जिससे तटीय इलाकों के लोगों को कुछ राहत मिली है। जलस्तर घटने के बावजूद निचले इलाकों में अब भी भारी जलभराव की समस्या बनी हुई है। कहलगांव में पानी धीरे-धीरे कम होने के कारण बाढ़ के हालात में ज्यादा बदलाव नहीं आया है। सुलतानगंज प्रखंड के कुछ लोगों के घरों से पानी निकलना शुरू हो गया है, लेकिन दियारा क्षेत्रों के खेत अभी भी डूबे हुए हैं, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
खेत डूबे और तटबंधों पर खतरा
स्थानीय प्रशासन के लिए कटाव अब भी एक बड़ी चिंता बना हुआ है, खासकर खरीक प्रखंड के राघोपुर जमींदारी तटबंध पर। 28 अगस्त 2026 को तेज धाराओं के कारण महादेवापुर घाट के पास रिसाव और 30 मीटर हिस्से में कटाव की खबर के बाद, यह नुकसान और बढ़ गया है। तटबंध टूटने से बचाने के लिए प्रशासन युद्धस्तर पर बचाव और मजबूती का काम कर रहा है, और जल संसाधन विभाग की टीमें लगातार नजर रख रही हैं।
प्रशासन की कड़ी नजर
इसके विपरीत, बिहपुर प्रखंड में ननकार-नरकटिया जमींदारी तटबंध सुरक्षित है। 29 अगस्त 2026 को प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिनव भारती और अंचलाधिकारी अदिति रंजन द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद, वहां की स्थिति सामान्य बताई गई और कोई रिसाव नहीं देखा गया। इस स्थानीय स्थिरता के बावजूद, जिला प्रशासन हाई-अलर्ट पर है और क्षेत्र के सभी संवेदनशील तटबंधों पर लगातार कड़ी निगरानी बनाए हुए है।