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बिहार में गंगोता जाति को ST में शामिल करने की मांग, Bulo Mandal ने विधानसभा में पेश किए गरीबी के आंकड़े

Pooja Kanjani26 February 20262 min read0 views
बिहार में गंगोता जाति को ST में शामिल करने की मांग, Bulo Mandal ने विधानसभा में पेश किए गरीबी के आंकड़े

बिहार विधानसभा के बजट सत्र (Budget Session) के दौरान गोपालपुर से विधायक Shailesh Kumar उर्फ Bulo Mandal ने एक बड़ी मांग उठाई है। उन्होंने सदन में सरकार से आग्रह किया है कि गंगोता जाति को अनुसूचित जनजाति (ST) की सूची में शामिल किया जाना चाहिए। विधायक ने तर्क दिया कि यह समाज आज भी आर्थिक और सामाजिक रूप से काफी पिछड़ा हुआ है और इन्हें मुख्य धारा में लाने के लिए ST का दर्जा और आरक्षण मिलना बेहद जरूरी है।

जाति गणना के आंकड़ों में क्या सामने आया?

विधायक Bulo Mandal ने अपनी मांग को मजबूत करने के लिए बिहार जाति आधारित गणना 2022-23 (Caste Census) के सरकारी आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने सदन को बताया कि राज्य में गंगोता समाज की कुल आबादी लगभग 6.5 लाख है। आंकड़ों के मुताबिक, समाज का एक बहुत बड़ा हिस्सा आज भी गरीबी में अपना जीवन बिता रहा है।

  • गंगोता जाति में कुल परिवारों की संख्या 1,43,561 है।
  • इनमें से 69,101 परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं।
  • समाज के 48% परिवारों की महीने की कमाई 6,000 रुपये से भी कम है।
  • सरकारी नौकरी में इस समाज की भागीदारी बहुत कम है, केवल 6,012 परिवारों के पास ही सरकारी नौकरी है।
  • कुल मिलाकर 80% आबादी 10 हजार रुपये महीने से कम में गुजारा करती है।

अब सरकार आगे क्या कदम उठाएगी?

इस मांग पर जवाब देते हुए राज्य सरकार के मंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि किसी भी जाति को ST सूची में जोड़ने या हटाने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार (Central Government) और संसद के पास है। हालांकि, बिहार सरकार ने आश्वासन दिया है कि वे जाति गणना के सर्वे रिपोर्ट के आधार पर एक औपचारिक प्रस्ताव तैयार करेंगे। इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) को भेजा जाएगा, ताकि वहां इस पर विचार किया जा सके और गंगोता समाज को उनका उचित हक मिल सके।

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