भागलपुर में बाढ़ के पानी के साथ एक विशाल मगरमच्छ के आने से हड़कंप मच गया है। प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी पूरी तरह सतर्क हैं।
मुख्य बातें:
- बांका जिला से बढ़ुआ नदी के रास्ते भागलपुर पहुंचा विशाल मगरमच्छ।
- अकबरनगर थाना क्षेत्र के नयागांव पंचायत में उचा गांव पुल के पास दिखा मगरमच्छ।
- गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण बहकर आया।
- अजगैवीनाथ धाम तक बढ़ाई गई निगरानी।
- नदी में नहाने, कपड़े धोने और मवेशियों को पानी पिलाने पर रोक।
भागलपुर में 28 सितंबर 2026 तक प्रशासनिक और वन विभाग के अधिकारी बांका जिला से आए एक विशाल मगरमच्छ के आने के बाद हाई अलर्ट पर हैं। यह जीव हाल की मानसूनी बारिश के कारण बढ़े हुए जलस्तर वाली बढ़ुआ नदी की तेज धाराओं के सहारे भागलपुर जिला में प्रवेश कर गया है। यह मगरमच्छ भागलपुर के अकबरनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली नयागांव पंचायत में उचा गांव पुल के पास बढ़ुआ नदी के उफनते पानी में तैरता हुआ देखा गया। पर्यावरणविद् और जीव विज्ञान के शिक्षक प्रवीण कुमार प्रणव ने बताया कि मगरमच्छ एक शक्तिशाली जलीय जीव है और संभवतः गंगा में बढ़ते जलस्तर के कारण बढ़ुआ नदी में बहकर आ गया है। अधिकारियों को डर है कि यह शिकारी जीव अंततः गंगा में प्रवेश कर सकता है, जिसके कारण अजगैवीनाथ धाम तक निगरानी बढ़ा दी गई है।
स्थानीय अधिकारियों ने मुखिया संजीव कुमार और अन्य प्रतिनिधियों के साथ मिलकर नदी के किनारों पर निगरानी बढ़ा दी है। वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे किसी भी काम के लिए नदी में प्रवेश न करें। जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत प्रभाव से कपड़े धोने, नहाने और मवेशियों को पानी पिलाने जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
28 सितंबर 2026 को एक अन्य घटनाक्रम में, मुंगेर के संग्रामपुर में बढ़ुआ नदी में मगरमच्छ दिखने की खबरों को वन विभाग ने सघन तलाशी के बाद अफवाह करार दिया। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि उस क्षेत्र में ऐसी अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।