अद्भुत! भागलपुर का ऐतिहासिक अष्टकोणीय राधा-कृष्ण मंदिर

MyBhagalpur Team12 September 20261 min read18 viewsTravel
अद्भुत! भागलपुर का ऐतिहासिक अष्टकोणीय राधा-कृष्ण मंदिर

भागलपुर एक ऐतिहासिक शहर है। यहाँ सीढ़ी घाट पर गंगा नदी के किनारे एक अनोखा अष्टकोणीय राधा-कृष्ण मंदिर है।

  • यह मंदिर 1905 में अंग्रेजों के समय जमींदार बाबू ब्रज मोहन ठाकुर ने बनवाया था।
  • इसकी बनावट कमल के फूल जैसी और अष्टकोणीय है, जिसके आठों कोनों पर गुंबद हैं।
  • यहाँ आने वाले पर्यटकों को गंगा का प्राकृतिक सौंदर्य और डॉल्फिन देखने का मौका मिलता है।

मंदिर की वास्तुकला और खासियत

यह मंदिर चूने और गारे से बना है। इसके अंदर 'अष्टधातु' (आठ धातुओं के मिश्रण) की मूर्तियां हैं, जिनका भक्तों के लिए बहुत धार्मिक महत्व है। इस संरचना में दो प्रवेश द्वार हैं जिन पर पारंपरिक नक्काशी वाले सुंदर पत्थरों का काम किया गया है। यह मंदिर भागलपुर में इतिहास, धार्मिक आस्था और वास्तुकला की विरासत का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।

मरम्मत और पर्यटकों का आकर्षण

पहले यह मंदिर जर्जर हालत में था, लेकिन हाल ही में इसकी रंगाई-पुताई और मरम्मत का काम हुआ है जिससे इसकी हालत सुधर गई है। आसपास रिवरफ्रंट के विकास से यह जगह आने-जाने में आसान और देखने में सुंदर हो गई है। भारत और विदेश से आने वाले सैलानी इसकी ऐतिहासिक वास्तुकला और गंगा के प्राकृतिक दृश्यों को देखने आते हैं। शाम के समय यहाँ नदी के ऊपर ढलता सूरज देखने के लिए बहुत भीड़ जमा होती है। इसके अलावा, गंगा में डॉल्फिन का दिखना घाट पर आने वाले पर्यटकों के अनुभव को और बढ़ा देता है। यह जगह आगंतुकों को अतीत की कारीगरी और रिवरफ्रंट का नजारा दोनों देखने का मौका देती है।

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