IIIT और BCE भागलपुर के बीच बड़ा समझौता, अब छात्रों को मिलेंगे रिसर्च और इंटर्नशिप के मौके
IIIT भागलपुर और BCE ने रिसर्च और एकेडमिक सहयोग के लिए MOU साइन किया है, जिससे छात्रों को रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक में मौका मिलेगा।

भागलपुर के दो प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) और भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (BCE) ने हाथ मिलाया है। शुक्रवार को दोनों संस्थानों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा और शोध (Research) के क्षेत्र में एक नई क्रांति लाना है। इस समझौते पर IIIT भागलपुर के निदेशक प्रोफेसर मधुसूदन सिंह और BCE के प्राचार्य प्रोफेसर विमलेश कुमार ने हस्ताक्षर किए।
इस साझेदारी की सबसे खास बात यह है कि इसे केवल कागजी खानापूर्ति नहीं, बल्कि परिणामों पर आधारित एक सक्रिय सहयोग बनाया जाएगा। शुरुआत में छात्रों को रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में इंटर्नशिप प्रोग्राम से जोड़ा जाएगा, ताकि वे किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी हासिल कर सकें।
इन क्षेत्रों में मिलेगा सहयोग और लाभ
BCE के प्राचार्य प्रोफेसर विमलेश कुमार ने बताया कि दोनों संस्थानों के शिक्षक और छात्र मिलकर संयुक्त फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की योजना बनाएंगे। वहीं, IIIT के पीआरओ डॉ. धीरज कुमार सिन्हा ने कहा कि इस पहल से संसाधनों के आदान-प्रदान और विशेषज्ञता के साझाकरण के जरिए रिसर्च इनोवेशन और क्षमता निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
इस पांच साल के समझौते के तहत निम्नलिखित प्रमुख गतिविधियों पर जोर दिया जाएगा:
- संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट्स और वर्कशॉप का आयोजन।
- सेमेस्टर एक्सचेंज प्रोग्राम और समर रिसर्च इंटर्नशिप।
- पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी छात्रों के लिए संयुक्त सुपरविजन।
- रिसर्च-आधारित स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स के लिए मेंटरिंग।
- तकनीकी हस्तांतरण (Technology Transfer) और क्षमता निर्माण की पहल।
यह गठबंधन न केवल शिक्षकों के पेशेवर विकास में मदद करेगा, बल्कि छात्रों के लिए सीखने के अवसरों के नए द्वार भी खोलेगा, जिससे उन्हें भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सकेगा।