IIIT भागलपुर और BCE के बीच बड़ा समझौता, रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक पर करेंगे रिसर्च
IIIT भागलपुर और BCE ने रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी के लिए 5 साल का समझौता किया है। जानें छात्रों को क्या मिलेगा लाभ।

भागलपुर के शिक्षा जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है। शहर के दो प्रतिष्ठित संस्थानों, IIIT भागलपुर और BCE ने तकनीक के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए हाथ मिलाया है। दोनों संस्थानों ने रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में रिसर्च और विकास के लिए पांच साल के एक महत्वपूर्ण समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीकी संसाधनों और विशेषज्ञता का लाभ देना है ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
शुक्रवार को हुए इस समझौते पर IIIT के निदेशक प्रो. मधुसूदन सिंह और BCE के प्राचार्य प्रो. विमलेश कुमार ने हस्ताक्षर किए। इस पहल की शुरुआत छात्रों के लिए रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी में इंटर्नशिप के अवसरों से होगी। प्रो. मधुसूदन सिंह ने स्पष्ट किया कि यह समझौता केवल कागजी कार्रवाई या औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसका पूरा जोर परिणामोन्मुखी (result-oriented) काम करने पर होगा।
शिक्षकों और छात्रों के लिए खुलेंगे विकास के नए रास्ते
इस साझेदारी के जरिए न केवल छात्र, बल्कि प्रोफेसर भी एक-दूसरे के अनुभव से सीखेंगे। BCE के प्राचार्य प्रो. विमलेश कुमार ने बताया कि दोनों संस्थानों के फैकल्टी सदस्य मिलकर जॉइंट फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों पर काम करेंगे। इससे शिक्षकों के पेशेवर विकास के साथ-साथ छात्रों के सीखने के अवसरों में भी भारी बढ़ोतरी होगी।
IIIT के रजिस्ट्रार डॉ. धीरज कुमार सिन्हा ने इस सहयोग के तकनीकी पहलुओं पर रोशनी डालते हुए बताया कि इसके तहत कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे:
- संयुक्त शोध परियोजनाएं (Joint Research Projects) शुरू की जाएंगी।
- तकनीकी कार्यशालाएं (Workshops), सेमिनार और कॉन्फ्रेंस का आयोजन होगा।
- फैकल्टी और छात्रों के लिए स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग प्रोग्राम लागू किए जाएंगे।
- दोनों संस्थानों के बीच एक्सचेंज प्रोग्राम चलाए जाएंगे ताकि ज्ञान का आदान-प्रदान हो सके।
कुल मिलाकर, यह गठबंधन भागलपुर के तकनीकी छात्रों के लिए एक सुनहरा मौका साबित होने वाला है, जहां उन्हें अब एक ही शहर में दो बड़े संस्थानों की संयुक्त विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा।