बुजुर्गों को मिली बड़ी राहत: इंडेन ने बिहार में शुरू किया 'नाना-नानी फर्स्ट सिटीजन कैंपेन'
अब बुजुर्गों को LPG e-KYC के लिए गैस एजेंसी नहीं जाना होगा, इंडेन टीम घर आकर करेगी वेरिफिकेशन।

बिहार में अब वरिष्ठ नागरिकों को अपने एलपीजी कनेक्शन के ई-केवाईसी (e-KYC) अपडेट कराने के लिए लंबी कतारों में लगने या गैस एजेंसी के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। इंडेन ने खास तौर पर 60 साल से अधिक उम्र के उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए इंडेन नाना-नानी फर्स्ट सिटीजन कैंपेन की शुरुआत की है। इस मानवीय पहल का उद्देश्य बुजुर्गों को शारीरिक परेशानी से बचाना और उनके घर बैठे ही सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करना है।
इस अभियान के तहत इंडेन एजेंसी के कर्मचारी अब खुद बुजुर्ग उपभोक्ताओं की पहचान कर उनके घरों का दौरा कर रहे हैं। एजेंसी के कर्मचारी 'इंडेन ऐप' के जरिए मौके पर ही बायोमेट्रिक या डिजिटल ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं, जिसमें मात्र कुछ मिनटों का समय लगता है। यह सुविधा उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है जो अकेले रहते हैं या जिन्हें चलने-फिरने में कठिनाई होती है।
भागलपुर में तेजी से चल रहा है अभियान
जिला प्रशासन और कंपनी के निर्देशों के बाद भागलपुर जिले की सभी गैस एजेंसियों को अपने क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उनके घर जाकर ई-केवाईसी पूरा करने को कहा गया है। अकेले भागलपुर जिले में अब तक 202 बुजुर्ग उपभोक्ताओं की पहचान की जा चुकी है।
इंडेन के भागलपुर एरिया हेड किशन कुमार ने बताया कि 'नाना-नानी फर्स्ट सिटीजन कैंपेन' पूरी तरह से ग्राहक-केंद्रित और मानवीय दृष्टिकोण पर आधारित है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों से इस पहल की सराहना हो रही है, क्योंकि इससे बुजुर्गों को एजेंसी तक आने-जाने की मशक्कत से मुक्ति मिली है।