रेलवे का बड़ा अपडेट: नींद की वजह से छूटा स्टेशन तो नहीं मिलेगी फ्री वापसी की टिकट

भारतीय रेलवे ने साफ कर दिया है कि यदि कोई यात्री ट्रेन में सोते समय अपने गंतव्य स्टेशन (Destination Station) को मिस कर देता है, तो उसे वापस आने के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं दी जाएगी। रेलवे ने 5 अगस्त 2026 को फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए यात्रियों के इस सवाल का जवाब देते हुए यह नियम स्पष्ट किया है।
स्टेशन छूटने से बचाने के लिए रेलवे 'डेस्टिनेशन अलर्ट' सेवा देता है। बहुत कम शुल्क देकर यात्री इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं, जिससे स्टेशन आने से करीब 20 मिनट पहले मोबाइल पर अलर्ट मिल जाता है। इस सेवा को शुरू करने के लिए यात्री रेलवे हेल्पलाइन 139 पर कॉल कर सकते हैं या 'ALERT' लिखकर 139 पर एसएमएस भेज सकते हैं।
वहीं, ट्रेन चढ़ने वाले यात्रियों के लिए 'टू-स्टॉप रूल' लागू है। इसके तहत रिजर्व टिकट वाले यात्री की सीट टीटीई (TTE) कम से कम एक घंटे तक या अगले दो स्टेशनों तक किसी और को नहीं दे सकता। इसके अलावा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा घोषित नए नियम के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से यात्री ट्रेन के चलने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं।
हालांकि, अगर कन्फर्म टिकट होने के बावजूद यात्री तय स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ता और रेलवे को इसकी जानकारी नहीं देता है, तो टीटीई उसे 'नॉट टर्न्ड अप' (NTU) मार्क कर सकता है। ऐसी स्थिति में वह बर्थ दूसरे यात्रियों के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी।