भागलपुर के मायागंज अस्पताल में इलाज के दौरान एक कैदी की मौत हो गई। मृतक अनवर हुसैन किशनगंज मंडल जेल में हत्या के मामले में बंद था और वह बिशनपुर का रहने वाला मोहम्मद इस्लाम का बेटा था।
- किशनगंज जेल में हत्या के आरोप में बंद था कैदी अनवर हुसैन
- अचानक तबीयत बिगड़ने पर मायागंज अस्पताल में कराया गया था भर्ती
- डॉक्टरों के अनुसार कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत
किशनगंज जेल अधीक्षक धर्मेंद्र कुमार ने कैदी की मौत की पुष्टि की। अनवर को 7 जुलाई 2026 को पुलिस थाना केस नंबर 34/26 के तहत हत्या के मामले में किशनगंज जेल में भर्ती कराया गया था और उसे न्यायिक हिरासत में रखा गया था। 26 सितंबर को उसकी सेहत अचानक खराब हो गई। उसका पहले जेल अस्पताल में इलाज किया गया और बाद में सदर अस्पताल रेफर किया गया।
डॉक्टरों ने पाया कि वह एनीमिया से पीड़ित था। हालांकि दो पुलिस कांस्टेबलों ने उसे खून दान किया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। जिला मजिस्ट्रेट नवीन कुमार की देखरेख में एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया। मेडिकल बोर्ड की सलाह पर अनवर को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के जेएलएनएमसीएच (मायागंज) में ट्रांसफर किया गया, जहां गुरुवार को उसकी मौत हो गई।
चिकित्सा पेशेवरों ने बताया कि मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट था। रिपोर्ट से संकेत मिला कि उसे फेफड़ों में पानी जमा होने, सांस लेने में तकलीफ और बवासीर से जुड़ी समस्याएं थीं। पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और उसे किशनगंज वापस ले जाया जा रहा है। जेल अधिकारियों ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और सभी आवश्यक औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। इस घटना से मृतक के परिवार और स्थानीय समुदाय में शोक का माहौल है।