जमुई में कचहरी चौक पर लोग पिछले 14 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि चंद्रमंडीह पुलिस थाने के एसएचओ को निलंबित किया जाए और इलाके की कानून-व्यवस्था में सुधार किया जाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इलाके में चोरी, डकैती, हत्या, साइबर अपराध और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं में तेजी आई है, और एसएचओ इन सबका बचाव कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई कि जिला प्रशासन के किसी भी बड़े अधिकारी ने उनसे बातचीत शुरू नहीं की है।
एसएचओ पर यह भी आरोप है कि अनुसूचित जनजाति के सदस्य चैनल नैया के घर के सामने एक शव दफनाने के मामले में उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा, एक आदिवासी महिला मुटकी नैया को डायन बताकर थाने से बाहर भगाने का आरोप भी लगाया गया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रशासन की यह चुप्पी एक लापरवाह अधिकारी को बचाने की सोची-समझी कोशिश है।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सीपीआई (एमएल) राज्य समिति के सदस्य बाबू साहेब सिंह ने 14 दिनों के शांतिपूर्ण आंदोलन के बाद भी जिला प्रशासन की लगातार उदासीनता पर गहरी असंतोष जताया है। प्रशासन को गहरी नींद से जगाने के लिए प्रदर्शनकारियों ने घोषणा की है कि वे
29 सितंबर को एक दिन का सामूहिक उपवास रखेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने एसएचओ की जांच कर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो वे इस आंदोलन को पूर्ण भूख हड़ताल में बदल देंगे। इस प्रदर्शन में लखीसराय के खेत मजदूर नेता संजय अनुरागी, राहुल यादव, सलीम अंसारी, जिब्राइल अंसारी, कुसमी देवी, मुटकी देवी, चैनल नैया, संजय मांझी, तुलसी मांझी, रजंती देवी, अर्जुन मांझी, पदी देवी, मालती देवी, मनोज कुमार पांडे और दुधली मांझी समेत कई प्रमुख लोग शामिल रहे।