जमुई में 15 दिनों से जारी जोरदार प्रदर्शन खत्म, प्रशासन के आश्वासन पर बनी सहमति

जमुई के चंद्रमंडिह थाना क्षेत्र में सीपीआई (एमएल) और आदिवासी संघर्ष मोर्चा द्वारा किया जा रहा 15 दिनों का अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन स्थानीय प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है।
मुख्य बातें:
- 15 दिनों से चल रहा था अनिश्चितकालीन प्रदर्शन।
- अपराध रोकने और कानून का राज स्थापित करने की थी मांग।
- एसडीओ ने 10 दिनों के भीतर कार्रवाई का भरोसा दिया।
- वादा पूरा न होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी।
क्या थीं प्रदर्शनकारियों की मांगें?
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि क्षेत्र में बढ़ते आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाई जाए और कानून का शासन स्थापित हो। साथ ही, उन्होंने चंद्रमंडिह थाना प्रभारी को निलंबित करने की मांग की, जिन पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया गया था।
प्रशासन ने दिया भरोसा
जमुई के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) सौरभ कुमार ने प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी के साथ प्रदर्शन स्थल का दौरा किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों का पांच सूत्री मांग पत्र स्वीकार किया। एसडीओ कुमार ने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन दस दिनों के भीतर उचित कार्रवाई करेगा और उनसे प्रक्रिया पर भरोसा रखने की अपील की। इस प्रतिबद्धता के बाद विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया गया।
चेतावनी के साथ आंदोलन स्थगित
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सीपीआई (एमएल) राज्य समिति के सदस्य बाबू साहब सिंह ने एसडीओ के आश्वासन के बाद स्ट्राइक स्थगित करने की पुष्टि की। हालांकि, सिंह ने जिला प्रशासन को औपचारिक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो सीपीआई (एमएल) और आदिवासी संघर्ष मोर्चा दोबारा सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी अशांति के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा।
ये लोग रहे मौजूद
इस मौके पर बसुदेव रॉय, मनोज कुमार पांडे, राहुल यादव, सलीम अंसारी, जय राम तुरी, चैनल नैय्या, मटुकी देवी, पंकज कुमार, किरण गुप्ता, मोहम्मद हैदर, खुबलाल राणा, संजय मांझी, शंभू मांझी, भारत मांझी और कुसमी देवी समेत सैकड़ों स्थानीय समर्थक मौजूद थे।