विक्रमशिला सेतु मरम्मत पर JDU नेताओं में ठनी: जानें कब तक शुरू होगा भारी वाहनों का आवागमन

विक्रमशिला सेतु की मरम्मत और समय सीमा को लेकर बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार (बुलू मंडल) और JDU सांसद अजय कुमार मंडल के बीच राजनीतिक मतभेद उभर कर सामने आए हैं।
- 29 अगस्त से सेतु की बड़ी मरम्मत शुरू होगी।
- सरकार का लक्ष्य नवंबर तक भारी वाहनों का आवागमन बहाल करना है।
- त्योहारों के सीजन और गंगा के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है।
ऊर्जा मंत्री का पक्ष: विकास कार्य जरूरी
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने 4 मई को सेतु को हुए नुकसान को एक "प्राकृतिक घटना" बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि नागरिकों को कम से कम परेशानी हो और इसके लिए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि त्योहारों के सीजन के बावजूद विकास कार्य जारी रहना चाहिए। मंत्री ने यह भी याद दिलाया कि नुकसान के बाद सरकार ने मात्र 28 दिनों में बेली ब्रिज लगाकर कनेक्टिविटी बहाल कर दी थी।
सांसद का आरोप: लापरवाही से हुआ नुकसान
दूसरी ओर, सांसद अजय कुमार मंडल ने इसे प्राकृतिक आपदा मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने सेतु की विफलता को "विभागीय लापरवाही" का नतीजा बताया। सांसद का दावा है कि उन्होंने नुकसान से आठ महीने पहले ही पथ निर्माण विभाग को पत्र लिखकर खराब स्थिति की चेतावनी दी थी और तकनीकी रिपोर्ट भी सौंपी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्बन प्लेट, स्प्रिंग और एक्सपेंशन जॉइंट्स के लिए फंड आवंटित होने के बावजूद काम केवल कागजों पर रहा और जमीन पर नहीं हुआ।
त्योहारों को लेकर मुख्यमंत्री से अपील
सांसद अजय मंडल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के बाद ही बेली ब्रिज को हटाया जाए। उनका तर्क है कि अभी जलस्तर बढ़ रहा है, ऐसे में बेली ब्रिज हटाने से भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज के निवासियों को भारी परेशानी होगी और सार्वजनिक परिवहन में जोखिम बढ़ेगा।
मरम्मत की तैयारी: पहुंच रहे हैं स्टील गर्डर
इस बीच, सरकार मरम्मत के काम में जुटी है। पंचकुला और मेरठ से स्टील गर्डर भागलपुर पहुंचना शुरू हो गए हैं। दो छह-अक्षीय ट्रकों के जरिए 19 गर्डर पहुंच चुके हैं, जिन्हें महिला ITI के पास कास्टिंग यार्ड में रखा गया है। बाकी स्ट्रक्चर के अगले हफ्ते तक पहुंचने की उम्मीद है।