भागलपुर और बांका के मंदिरों में पांच दिवसीय झूलनोत्सव की शुरुआत हो गई है। यह त्योहार रविवार, 23 अगस्त 2026 को सावन शुक्ल एकादशी के दिन शुरू हुआ है और शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को सावन पूर्णिमा तक चलेगा। इस अवसर पर सभी स्थानीय मंदिरों में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
- भागलपुर में पांच दिनों तक चलेगा झूलनोत्सव
- विभिन्न मंदिरों में की गई है विशेष तैयारी
- बांका के लॉर्ड मधुसूदन मंदिर में भी उत्सव शुरू
- बाबा बूढ़नाथ मंदिर में हुई विशेष सरकारी पूजा
भागलपुर के जिन मंदिरों में यह उत्सव मनाया जा रहा है, उनमें चुनिहारी टोला का मोहरी मंदिर, गिरधारी साह हाट की रुक्मिणी श्री कृष्ण ठाकुरबारी, सखीचंद घाट का जगन्नाथ मंदिर, कुपेश्वरनाथ महादेव मंदिर, अनंत राम लेन स्थित मारवाड़ी टोला की ठाकुरबारी, अलीगंज की राधा-कृष्ण ठाकुरबारी, वैरायटी चौक का दुग्देश्वरनाथ मंदिर और बूढ़नाथ मंदिर शामिल हैं। इसके अलावा, कस्बा ठाकुरबारी में 184 साल पुरानी परंपरा के तहत उत्सव शुरू हुआ है, जहां रोजाना भजन-कीर्तन में बड़ी संख्या में भक्तों के जुटने की उम्मीद है। बांका के लॉर्ड मधुसूदन मंदिर में भी रविवार से उत्सव की शुरुआत हो गई है, जहां तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
बूढ़नाथ रोड स्थित रंगनाथ मंदिर के महंत स्वामी रंगनाथराचार्य रामन ने बताया कि उत्सव के दौरान हर दिन
राधा और भगवान कृष्ण को अलग-अलग पोशाकों में सजाया जाएगा और उनका अनूठा श्रृंगार किया जाएगा। इन सभी धार्मिक स्थलों पर पूरे उत्सव के दौरान रोजाना भक्ति संगीत के कार्यक्रम तय किए गए हैं। इसके अलावा, पवित्र सावन महीने के चौथे रविवार के मौके पर बाबा बूढ़नाथ मंदिर में एक विशेष सरकारी पूजा का आयोजन किया गया।