भागलपुर: MBBS छात्र की मौत पर JLNMCH के जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन, OPD सेवाएं ठप

MBBS छात्र रूपेश सोनी की सड़क हादसे में मौत के बाद JLNMCH के जूनियर डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया और OPD सेवाएं बंद कर दीं।

Talat Praveen7 November 20262 min read0 viewsCity Local
भागलपुर: MBBS छात्र की मौत पर JLNMCH के जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन, OPD सेवाएं ठप

भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (JLNMCH) में शनिवार को माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा। एक MBBS छात्र, रूपेश सोनी की सड़क हादसे में हुई दुखद मौत के बाद जूनियर डॉक्टरों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस आक्रोश के चलते अस्पताल की OPD सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं, जिससे इलाज के लिए आए मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

यह पूरा मामला गुरुवार रात का है, जब कॉलेज के फाउंडेशन डे समारोह से छात्र वापस लौट रहे थे। तिलकामांझी चौक के पास एक तेज रफ्तार कार ने 2023 बैच के छात्र रूपेश सोनी के स्कूटर को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद रूपेश को पहले मायागंज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें पटना के PMCH रेफर कर दिया गया, जहां शुक्रवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।

इलाज के बजाय सड़क पर छोड़ा, डॉक्टरों पर गंभीर आरोप

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प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने इस घटना में शामिल लोगों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि कार चलाने वाले डॉ. गौरव कुमार समेत गाड़ी में सवार सभी पांचों लोग डॉक्टर थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन डॉक्टरों ने घायल रूपेश की मदद करने के बजाय उन्हें सड़क किनारे छोड़ दिया और उनके चेहरे को जैकेट से ढक दिया। डॉक्टरों का आरोप है कि अगर समय पर प्राथमिक उपचार मिलता, तो रूपेश की जान बचाई जा सकती थी।

हड़ताल कर रहे डॉक्टरों ने प्रशासन से मांग की है कि कार में सवार सभी पांचों लोगों को गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि अगर ड्राइवर शराब के नशे में था, तो बाकी साथियों ने उसे गाड़ी चलाने से क्यों नहीं रोका?

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान अस्पताल की आंतरिक व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठे। जूनियर डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि JLNMCH का न्यूरोसर्जरी विभाग ठीक से काम नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर अस्पताल में समय पर विशेषज्ञ इलाज उपलब्ध होता, तो शायद रूपेश आज जीवित होते। प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार के लिए वित्तीय सहायता और अस्पताल के बुनियादी ढांचे में सुधार की मांग की है।

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