काढ़ागोला गंगा घाट पर गंगा उत्सव-2026 का भव्य आयोजन, काशी के पुरोहितों ने कराई महाआरती
कटिहार के काढ़ागोला गंगा घाट पर काशी के पुरोहितों ने कराई महाआरती। हजारों लोगों ने लिया गंगा स्वच्छता का संकल्प।

कटिहार जिले के बरारी प्रखंड स्थित ऐतिहासिक काढ़ागोला गंगा घाट पर 'काढ़ागोला गंगा उत्सव 2026' का बेहद भव्य और गरिमामयी आयोजन किया गया। जिला प्रशासन और जिला गंगा समिति के साझा प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मां गंगा की निर्मलता, स्वच्छता और अविरलता के प्रति लोगों को जागरूक करना था। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर स्थानीय ग्रामीणों तक, हजारों लोगों ने एकजुट होकर गंगा संरक्षण का संकल्प लिया।
उत्सव की सबसे खास बात संध्या बेला में आयोजित महाआरती रही। वाराणसी (काशी) से विशेष रूप से आए प्रसिद्ध आचार्यों और पुरोहितों ने जब वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आरती शुरू की, तो पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। शंखध्वनि, घंटियों की गूंज और 'हर-हर गंगे' के जयकारों से पूरा तट गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ नदी की धारा में सैकड़ों दीप प्रवाहित किए, जिससे गंगा का किनारा रोशनी से जगमगा उठा। इसके अलावा, रंगोली और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भारतीय धरोहर और गंगा की अस्मिता को सहेजने का संदेश दिया गया।
पौधारोपण और स्वच्छता की सामूहिक शपथ
कार्यक्रम की शुरुआत केवल पूजा-पाठ से नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के ठोस कदम के साथ हुई। उत्सव के पहले सत्र में गंगा घाट परिसर में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाया गया। इसके बाद मौजूद सभी वरीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को नदी व घाटों की स्वच्छता बनाए रखने और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी जीवनरेखा और सांस्कृतिक पहचान है, जिसे प्रदूषणमुक्त रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इस गरिमामयी आयोजन में कटिहार के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, डीडीसी, एसडीओ और डीआरडीए निदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही कदवा और बरारी के विधायकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और स्थानीय ग्रामीणों के साथ इस उत्सव का हिस्सा बने।