भागलपुर के कहलगांव में बाढ़ राहत राशि के वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सैकड़ों ग्रामीणों ने शनिवार को ब्लॉक-सह-अंचल कार्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकारी कार्यालयों के दरवाजे पर ताला जड़ दिया गया, हालांकि किसी भी सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा। इस प्रदर्शन का नेतृत्व नंदापुर गांव के पूर्व मुखिया प्रतिनिधि राजेश पासवान ने किया और सुबह करीब 11 बजे से ही लोग धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि स्थानीय अधिकारियों ने बिचौलियों के माध्यम से अपात्र लोगों को राहत राशि बांटी और इसके एवज में रिश्वत ली गई, जबकि असली बाढ़ पीड़ितों को कोई मदद नहीं मिली। साल 2024 और 2025 की भुगतान सूचियों की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल उठाए गए।
इस प्रदर्शन में भुल्सड़ की पूर्व मुखिया नसरीन परवीन, कोडवर की मुखिया सीमा देवी, पूर्व पंचायत समिति सदस्य विपिन पासवान, और स्थानीय निवासी राकेश कुमार, सुधीर कुमार, संतोष कुमार, रविंद्र यादव तथा सुशील दास ने भाग लिया। वक्ताओं ने भुगतान प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, नए लाभार्थियों के नाम जोड़ने और असली बाढ़ पीड़ितों को तुरंत सहायता देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने वार्ड सदस्यों पर अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
मौके पर कहलगांव के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) राजीव रंजन, अंचलाधिकारी (सीओ) श्रीनिवास सिंह और कहलगांव थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे और भीड़ से बातचीत की।
बीडीओ ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि पंचायत पोर्टल पर प्रविष्टियों की जांच की जाएगी, नए योग्य लाभार्थियों को जोड़ा जाएगा और असली बाढ़ पीड़ितों को जल्द ही राहत दी जाएगी। इन आश्वासनों के बाद ताला खोल दिया गया और अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को मुफ्त राहत आवेदन फॉर्म बांटे। अंचलाधिकारी श्रीनिवास सिंह ने बताया कि जीआर भुगतान केवल 2025 की लाभार्थी सूची के पंचायत निगरानी समिति द्वारा अनुमोदित होने के बाद ही जारी किए गए थे।