भागलपुर के कहलगांव में बाढ़ पीड़ितों को जीआर अनुदान राशि मिलने में देरी हो रही है और इसके नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप सामने आए हैं। पीड़ित लोग रोज अंचल कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
- कहलगांव के कई पंचायतों के सैकड़ों बाढ़ पीड़ित जीआर राशि के लिए परेशान हैं।
- पीड़ितों ने एक हजार से दो हजार रुपये तक की घूस मांगने का आरोप लगाया है।
- अंचल अधिकारी ने कहा कि पंचायत समिति की जांच के बाद डीबीटी से खाते में पैसे भेजे जा रहे हैं।
सोमवार को कई पीड़ित लोगों ने अपनी परेशानी बताई। दयालपुर गांव की आशा देवी और संगीता देवी तथा कुटी टोला की अहिल्या देवी, उषा देवी, दुलारी देवी और रूबी देवी ने बताया कि उनके घरों में अब भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। श्यामपुर पंचायत के सुलेखा देवी, साजो देवी, रंजू देवी, जालो देवी और हकलो देवी ने भी गुस्सा जताया कि जिनके घर सूख गए हैं, उन्हें पैसे मिल गए हैं लेकिन जलभराव वाले घरों को अभी राशि नहीं मिली है।
इन आरोपों पर अंचल अधिकारी श्रीनिवास कुमार सिंह ने साफ किया कि जीआर राशि का भुगतान पंचायत स्तर की निगरानी समिति के प्रस्ताव पास होने के बाद ही होता है। उन्होंने बताया कि कार्यालय आने वाले या प्रदर्शन करने वालों से आवेदन लिए गए हैं। इन आवेदनों को पंचायतवार छांटकर सत्यापन के लिए मुखिया और वार्ड सदस्यों को भेजा जा रहा है।
डीबीटी से हो रहा भुगतान अंचल अधिकारी ने पुष्टि की कि बाढ़ पीड़ितों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सीधे पैसे भेजे जा रहे हैं।
रिश्वत पर चेतावनी रिश्वतखोरी की खबरों पर अंचल अधिकारी ने चेतावनी दी कि पैसे मांगने वाले और पैसे देने वाले दोनों को दोषी माना जाएगा।