कहलगांव के नाथलोक कॉलोनी स्थित दुर्गा मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन आध्यात्मिक वक्ता किंकर किशोरी ने सत्संग के महत्व पर प्रकाश डाला। यह आयोजन शारदीय नवरात्र के अवसर पर हो रहा है और इसकी शुरुआत कलश शोभायात्रा के साथ हुई थी। कथा का उद्घाटन नगर पंचायत अध्यक्ष संजीव कुमार, वार्ड पार्षद रीता देवी, पवन कुमार भारती और डॉ. प्रवीण कुमार राणा द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया।
भक्तों को संबोधित करते हुए
किंकर किशोरी ने कहा कि अच्छी संगति से सद्गुण आते हैं और बुरी संगति से इंसान बुराइयों की ओर बढ़ता है। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि एकसंस्कारी और चरित्रवान समाज बनाने के लिए धार्मिक कथाओं और सत्संग को अपनाएं। उन्होंने बताया कि संतों की संगति और उनकी कृपा से कठिन काम भी आसान हो जाते हैं क्योंकि इससे आत्मा का परमात्मा से मिलन होता है।
अपने प्रवचन में आगे बताते हुए
किंकर किशोरी ने श्रीमद्भागवत को आध्यात्मिक सिद्धांतों का आवश्यक रूप बताया जो मन को पवित्र करता है और जन्म-मृत्यु के भय को दूर भगाता है। कथा के दूसरे दिन का समापन भीष्म पितामह के 'महाप्रयाण' के मार्मिक प्रसंग के साथ हुआ, जिससे वहां उपस्थित भक्त भावुक हो गए।