शानदार सफर! जानिए कैसे कला केंद्र भागलपुर ने पूरे किए 72 साल

MyBhagalpur Team24 August 20262 min read51 viewsCity Local
शानदार सफर! जानिए कैसे कला केंद्र भागलपुर ने पूरे किए 72 साल

भागलपुर में कला केंद्र भागलपुर का स्थापना दिवस बहुत ही धूमधाम से मनाया गया। इस खास मौके पर कला केंद्र की प्रबंध समिति के सदस्य, पूर्व छात्र और वर्तमान छात्र शामिल हुए और अपनी बातें रखीं। कला केंद्र ने अपने 72 साल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं और इस कार्यक्रम में संस्थान के इतिहास और उपलब्धियों पर चर्चा की गई।

  • कला केंद्र भागलपुर का स्थापना दिवस सोमवार को संस्थान परिसर में मनाया गया।
  • इस संस्थान ने अपनी स्थापना के 72 साल पूरे कर लिए हैं।
  • कार्यक्रम में प्रबंध समिति के सदस्यों, पूर्व और वर्तमान छात्रों ने अपने विचार रखे।

स्थापना और इतिहास

1954 में स्थापित कला केंद्र ने अपना 72 साल पूरा किया है। संचालन कर रहे प्राचार्य राजीव कुमार सिंह ने बताया कि किसी भी वित्त रहित संस्थान के लिए इतने लंबे समय तक चलना बहुत बड़ी बात है। यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि यहां के प्राचार्यों और शिक्षकों ने एक सामाजिक कार्यकर्ता की तरह काम किया। देश के महान चित्रकार नंदलाल बोस की प्रेरणा से बंकिम चंद्र बनर्जी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 24 अगस्त 1954 को इसकी स्थापना की थी। आर्थिक स्थिति चाहे जैसी भी रही हो, लेकिन यहां पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर जाकिर हुसैन और उपेंद्र महारथी जैसे दिग्गज आ चुके हैं।

कला और सामाजिक बदलाव में योगदान

प्रबंध समिति के सदस्य उदय ने बताया कि कला केंद्र का उद्देश्य कला के उत्थान के साथ विश्वविद्यालय से डिप्लोमा स्तर की पढ़ाई करवाना भी था। इन 72 वर्षों में इस संस्थान ने कला के साथ-साथ सामाजिक बदलाव के क्षेत्र में भी बड़ा योगदान दिया है। पूर्व डीएसडब्ल्यू डॉ योगेंद्र ने कहा कि यहां के छात्रों ने भागलपुर विश्वविद्यालय को कई बार ईस्ट जोन कल्चरल प्रोग्राम और राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार दिलाए हैं। चित्र, कोलाज, रंगोली, पोस्टर, स्किट, नाटक, माइम और क्ले मॉडलिंग में पुरस्कार जीतकर विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया है। मंजूषा चित्रकला को नाम और पहचान दिलाने में कला केंद्र के छात्र शेखर का बड़ा योगदान रहा है। मंजूषा कला की जो बारीकियां यहां सीखने को मिलती हैं, वे दूसरी जगह नहीं दिखतीं।

प्रमाण पत्र वितरण

इस कार्यक्रम के दौरान विजय कुमार शाह, जयप्रकाश कुमार, मृदुला सिंह, डॉ अलका सिंह और विनय कुमार भारती ने भी अपने विचार रखे। समारोह में 17 अगस्त से 23 अगस्त तक चले मंजूषा कार्यशाला के प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र दिए गए।

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