नाथनगर के ऐतिहासिक कर्णगढ़ मैदान में सजेगा रावण वध का भव्य मेला

नाथनगर के ऐतिहासिक कर्णगढ़ मैदान में विजयदशमी के पावन पर्व पर रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले जलाने की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इस साल रावण का पुतला 35 फीट ऊंचा होगा, जबकि मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले क्रमशः 30 फीट और 25 फीट के बनाए जा रहे हैं।
इस काम में लगे कलाकारों ने दी जानकारी
कलाकार संजीव और गौतम, जो लगातार कई सालों से ये पुतले बना रहे हैं, उन्होंने बताया कि पांच कारीगरों की एक टीम इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। पुतले बनाने की इस प्रक्रिया में लगभग 15 से 20 दिन का समय लगता है और अब यह काम पूरा होने की कगार पर है।
इलाके के लोगों की प्रतिक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह ऐतिहासिक दशहरा उत्सव कई सालों से इस क्षेत्र की एक खास सांस्कृतिक पहचान बना हुआ है। रावण दहन देखने के लिएनाथनगर के आसपास के शहरी और ग्रामीण इलाकों से हजारों दर्शक पारंपरिक रूप से कर्णगढ़ मेला मैदान में इकट्ठा होते हैं। भीड़ की संभावना को देखते हुए, स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस अवसर के लिए सुरक्षा इंतजाम लागू करना शुरू कर दिया है।