कटिहार में आधे घंटे की बारिश ने मचाया हाहाकार, सड़कों पर भरा पानी, लोग परेशान

कटिहार शहर में बुधवार को महज तीस मिनट की भारी बारिश ने पूरे इलाके को जलमग्न कर दिया। शहर के कई मोहल्लों और मुख्य सड़कों पर पानी भर जाने से आम लोगों और वाहन चालकों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मुख्य बातें:
- मात्र 30 मिनट की बारिश से शहर में भारी जलजमाव।
- मिर्ज़ाबारी शीतला स्थान मंदिर के पास बिजली कार्यालय जाने वाली सड़क पूरी तरह डूबी।
- नाली व्यवस्था की कमी से स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश।
- बिहार के 24 जिलों सहित कटिहार के लिए 19 और 20 अगस्त 2026 को ऑरेंज अलर्ट जारी।
सड़कों पर जलजमाव से बढ़ी मुश्किलें
बुधवार को हुई भारी बारिश के कारण शहर की कई बड़ी और छोटी सड़कें पानी में डूब गईं। मिर्ज़ाबारी शीतला स्थान मंदिर के पास बिजली कार्यालय जाने वाली सड़क पर भारी जलजमाव रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। स्थानीय निवासी सुमित कुमार, अमित कुमार, संजय कुमार और विजय कुमार ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि शहर में थोड़ी सी बारिश होते ही हर तरफ पानी भर जाता है। उन्होंने निकासी व्यवस्था की कमी को इसका मुख्य कारण बताते हुए नगर निकाय से जल निकासी ढांचे को सुधारने की मांग की है।
मौसम विभाग का अलर्ट और भौगोलिक स्थिति
यह जलजमाव ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 19 और 20 अगस्त 2026 को कटिहार समेत बिहार के 24 जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शहर की बनावट कटोरे जैसी होने और पूरी सीवर व्यवस्था न होने के कारण यहाँ पानी जल्दी जमा हो जाता है।
निकासी व्यवस्था और सरकारी प्रयास
कटिहार नगर निकाय ने जनवरी 2021 में 193 करोड़ रुपये की नई ड्रेनेज प्रणाली की योजना बनाई थी, लेकिन वर्तमान में शहर अभी भी छोटे-छोटे खुले नालों पर ही निर्भर है। दिसंबर 2025 तक इन समस्याओं को कम करने के लिए 55.5 MLD सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) सहित अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शुरू की गईं। वर्तमान में, कटिहार बिहार के उन 12 जिलों में शामिल है जो बाढ़ की स्थिति से प्रभावित हैं, जहाँ राज्यभर में सेना और आपदा प्रतिक्रिया टीमों द्वारा बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।