कटिहार में एनएच-31 स्थित ग्वालटोली के समीप मंगलवार को एक अनियंत्रित एलपीजी गैस टैंकर ने सड़क किनारे बने करीब 50 वर्ष पुराने बाबा बजरंगबली मंदिर में जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में मंदिर परिसर पूरी तरह ध्वस्त हो गया और स्थापित प्रतिमा भी क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत यह रही कि गैस से भरे टैंकर में रिसाव नहीं हुआ, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़ा और भयावह अग्निकांड होने से बाल-बाल टल गया।
- कुरसेला थाना क्षेत्र के एनएच-31 ग्वालटोली के पास हादसा।
- अनियंत्रित टैंकर मंदिर से टकराया, प्रतिमा क्षतिग्रस्त।
- गैस रिसाव न होने से टला बड़ा अग्निकांड।
- पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टैंकर नवगछिया की ओर से आ रहा था।
ग्वालटोली के पास अचानक चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया और टैंकर सीधे मंदिर की दीवार को तोड़ते हुए भीतर जा घुसा। तेज आवाज सुनकर आसपास के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जुट गए। टैंकर में गैस लदी होने के कारण कुछ देर तक घटनास्थल पर दहशत और अफरा-तफरी का माहौल रहा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि टैंकर का वॉल्व क्षतिग्रस्त होता या गैस रिसती, तो एनएच-31 पर जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।
करीब पांच दशक पुराने आस्था के केंद्र के जमींदोज होने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से घटनास्थल पर सुरक्षात्मक उपाय करने, मंदिर का पुनर्निर्माण कराने और लापरवाह चालक पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और चालक के संबंध में पड़ताल की जा रही है।