कटिहार में नदियों का जलस्तर बढ़ा, कोसी नदी खतरे के निशान से 84 सेमी ऊपर बही

कटिहार जिले की कई नदियों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को कोसी, गंगा, और बरंडी जैसी नदियों में वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि महानंदा नदी का स्तर स्थिर रहा है।
- कोसी नदी: इस साल के सबसे ऊंचे स्तर पर, खतरे के निशान से 84 सेमी ऊपर।
- गंगा नदी: कढगौला में खतरे के निशान से 60 सेमी ऊपर।
- बरंडी नदी: दुमार गांव, समेली में खतरे के निशान से 57 सेमी ऊपर।
- करी कोसी नदी: चेतावनी स्तर से 117 सेमी ऊपर, लेकिन खतरे के निशान से 21 सेमी नीचे।
- रामयणपुर (मनिहारी): गंगा नदी चेतावनी स्तर से 86 सेमी ऊपर और खतरे के निशान से 55 सेमी नीचे।
नदियों की वर्तमान स्थिति
अधिकारियों का अनुमान है कि गंगा नदी रामयणपुर और अहमदाबाद में देर शाम तक खतरे के निशान को पार कर सकती है। मनिहारी लॉन्च घाट के पास नदी का पानी सीधे तटबंधों से टकरा रहा है।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधीक्षक अभियंता विनय कुमार गुप्ता ने पुष्टि की है कि गंगा, कोसी, बरंडी और करी कोसी नदियों में जलस्तर बढ़ रहा है। महानंदा नदी के निचले हिस्से में जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन ऊपरी हिस्से में यह स्थिर है। गुप्ता ने बताया कि गंगा के बैकवाटर के कारण दुर्गापुर और गोविंदपुर क्षेत्रों में महानंदा का स्तर बढ़ रहा है।
तटबंधों की निगरानी और सुरक्षा
संवेदनशील स्थानों पर तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है और अधिकारियों का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है। कढगौला क्षेत्र में तटबंधों पर बढ़ते दबाव को करीब से देखा जा रहा है। अधीक्षक अभियंता ने कढगौला के कार्यपालक अभियंता, सहायक और कनिष्ठ अभियंताओं को उच्च सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। हालांकि पानी तटबंधों को छू रहा है, लेकिन अब तक कोई नुकसान या रिसाव नहीं मिला है। इंजीनियरिंग टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।
गांवों में घुसा पानी, जनजीवन प्रभावित
जलस्तर बढ़ने से मनिहारी, अहमदाबाद, बरारी और कुरसेला प्रखंडों के दर्जनों गांवों और पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात बाधित हो गया है और पशुपालकों को अपने पशुओं के लिए चारा खोजने में काफी कठिनाई हो रही है।