भागलपुर में किलकारी बाल भवन ने सजी 'माटी के रंग' मंजूषा कला प्रदर्शनी

भागलपुर के बरारी कैंपस में रविवार को किलकारी बिहार बाल भवन प्रमंडल ने 'माटी के रंग: युवा अभिव्यक्ति' कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में युवा कलाकार अमन सागर द्वारा बनाई गई पारंपरिक और समकालीन मंजूषा पेंटिंग्स की प्रदर्शनी लगाई गई।
प्रदर्शित 36 कलाकृतियों को देखने के दौरान अमन सागर ने अपनी कलात्मक सोच और निर्माण प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रदर्शनी के दौरान एक खुला सवाल-जवाब सत्र भी रखा गया, जिसमें मेहमानों और बच्चों ने इस कला से जुड़े कई सवाल पूछे।
प्रदर्शनी का उद्घाटन
प्रदर्शनी का संयुक्त रूप से उद्घाटन जिला कला एवं संस्कृति अधिकारी अंकित रंजन, गांधीवादी विचारक मनोज मिता, मंजूषा गुरु मनोज पंडित और वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत, नवीन सिंह कुशवाहा व केशव रंजन ने फीता काटकर किया।
कलाकारों की सराहना और भविष्य की योजना
विशिष्ट अतिथियों ने मंजूषा शैली में किए गए नए प्रयोगों की तारीफ की, जिसमें गोबर को कैनवास के रूप में इस्तेमाल करना भी शामिल था। मंडलीय कार्यक्रम समन्वयक साहिल राज ने बताया कि यह आयोजन 16 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को मंच देने का पहला बड़ा प्रयास है जो किलकारी से उत्तीर्ण हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी कला निखारने और बड़े पैमाने की कला प्रतियोगिताओं में भाग लेने की समझ विकसित करने में मदद करेंगे।