लखीसराय में बाईपास बंद होने से बढ़ा ट्रैफिक जाम, हादसेखेज़ माहौल; प्रशासन से गुहार

लखीसराय शहर में बाईपास बंद होने के कारण भारी वाहनों का दबाव स्थानीय सड़कों पर बढ़ गया है, जिससे लगातार ट्रैफिक जाम और सुरक्षा संबंधी खतरे बढ़ रहे हैं।
- बाईपास बंद होने से शहर की सड़कों पर भारी वाहनों की संख्या बढ़ी।
- रात 9:00 बजे से ही ट्रक शहर में घुसने लगे हैं।
- ट्रैफिक पुलिस की कमी से दुर्घटनाओं का डर।
- रेलवे स्टेशन आने वाले यात्रियों को भारी परेशानी।
- स्पीड ब्रेकर होने के बावजूद ट्रक ड्राइवर तेज़ रफ़्तार से वाहन चला रहे हैं।
शहर की सड़कों पर बढ़ा दबाव
बाईपास बंद होने की वजह से अब भारी वाहन स्थानीय सड़कों का इस्तेमाल कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात 10:00 बजे की 'नो-एंट्री' खत्म होने से पहले ही, रात 9:00 बजे से ट्रक शहर में घुसने लगते हैं। शहर के कई हिस्सों में सड़कें संकरी हैं, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और भारी जाम की स्थिति बन रही है। इससे स्थानीय यात्रियों और पैदल चलने वालों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे स्टेशन के पास खतरा
रात देर से लखीसराय रेलवे स्टेशन पहुँचने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। ट्रेन से उतरकर घर जाने वाले लोग भारी रफ़्तार से गुजरने वाले ट्रकों के कारण सड़क पार करने या सुरक्षित रूप से घर पहुँचने में संघर्ष कर रहे हैं।
अपर्याप्त सुरक्षा उपाय
प्रशासन ने वाहनों की गति कम करने के लिए जगह-जगह पर स्पीड ब्रेकर (ठोकर) लगवाए हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि ये उपाय नाकाफी हैं। कई ट्रक ड्राइवर स्पीड ब्रेकर के पास भी तेज़ रफ़्तार से वाहन चला रहे हैं, जिससे पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहनों के सवारों के लिए टक्कर और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
जनता की मांग
स्थानीय समुदाय ने जिला प्रशासन से प्रभावी ट्रैफिक मैनेजमेंट लागू करने की अपील की रही है। उन्होंने रात के समय मुख्य स्थानों, विशेष रूप से रेलवे स्टेशन के पास ट्रैफिक पुलिस की तैनाती करने की मांग की है। इसके साथ ही, नागरिकों ने अधिकारियों से स्पीड लिमिट का सख्ती से पालन कराने और ट्रकों के प्रवेश समय का सख्ती से पालन कराने की मांग की है ताकि स्थानीय निवासियों और यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता मिल सके।