लखीसराय: बाढ़ पीड़ितों का फूटा गुस्सा, मुआवजे के लिए डीएम दफ्तर पहुंचे पिपरिया डियारा के ग्रामीण

लखीसराय के पिपरिया डियारा क्षेत्र से प्रभावित करीब एक दर्जन महिला-पुरुष सोमवार को अपनी समस्याएं लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार से मुलाकात कर बताया कि उन्हें अभी तक सरकारी बाढ़ राहत राशि नहीं मिली है।
मुख्य बातें:
- पिपरिया डियारा के बाढ़ प्रभावितों ने डीएम से की मुलाकात।
- सरकारी राहत राशि बैंक खातों में न आने की शिकायत।
- प्रभावित परिवारों ने दोबारा सत्यापन और जल्द भुगतान की मांग की।
घरों में घुसा था पानी, बढ़ी मुश्किलें
ग्रामीणों ने बताया कि हालिया बाढ़ के कारण पिपरिया डियारा क्षेत्र में हालात बहुत खराब रहे थे। कई परिवारों के घर पूरी तरह डूब गए थे, जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का दावा है कि इतनी परेशानी के बावजूद मुआवजे की राशि अब तक उनके बैंक खातों में जमा नहीं की गई है।
आर्थिक तंगी और मुआवजे की मांग
गांव वालों ने समझाया कि वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और घरों के नुकसान की वजह से उनकी दैनिक जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि सभी पात्र घरों को सरकार द्वारा निर्धारित राहत राशि जरूर मिले। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिपरिया डियारा सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक था, फिर भी कई परिवारों को मुआवजे की प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।
पुनः सत्यापन और जल्द भुगतान की अपील
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि प्रशासन प्रभावित परिवारों का दोबारा सत्यापन करे और जिन लोगों को भुगतान नहीं मिला है, उन्हें जल्द से जल्द पैसे दिए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर अतिरिक्त सरकारी सहायता देने का अनुरोध किया। निवासियों ने जोर देकर कहा कि वे पहले ही भारी नुकसान झेल चुके हैं और सरकारी मदद न मिलने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने प्रशासन से इस मामले को तुरंत सुलझाने की मांग की है।