लखीसराय-किऊल के बीच टूटा अस्थायी पुल, दिवाली की खरीदारी के लिए जान जोखिम में डाल रहे लोग
लखीसराय और किऊल स्टेशन के बीच का अस्थायी पुल बह गया है, लेकिन दिवाली की खरीदारी के लिए लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इसे पार कर रहे हैं।

दिवाली का त्योहार नजदीक है और बाजारों में रौनक बढ़ रही है, लेकिन लखीसराय और किऊल स्टेशन के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए यह समय किसी खतरे से कम नहीं है। दुर्गा पूजा के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया एक अस्थायी पुल तेज बहाव के कारण बह गया है। अब जब पानी का स्तर कम हुआ है, तो लोग अपनी जान हथेली पर रखकर इस टूटे हुए रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं।
सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि दिवाली की शॉपिंग के लिए बाजार जाने वाले लोगों की भीड़ इस खतरनाक रास्ते पर बढ़ गई है। पुरुष, महिलाएं और बच्चे सिर पर सामान लादकर इस जर्जर ढांचे को पार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ता इतना खराब है कि पैदल चलने वालों और महिलाओं के फिसलकर गिरने और चोटिल होने की घटनाएं आम हो गई हैं।
प्रशासन की लापरवाही और लोगों की मजबूरी
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या से पूरी तरह बेखबर है या फिर नजरअंदाज कर रहा है। इस टूटे हुए रास्ते को छोड़कर अगर कोई दूसरा विकल्प चुना जाए, तो लोगों को करीब आठ से नौ किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। समय और दूरी बचाने के चक्कर में लोग इस टूटे पुल का सहारा ले रहे हैं, जिससे किसी भी समय एक बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किए बिना इस रास्ते की तुरंत मरम्मत कराई जाए। साथ ही, ग्रामीणों ने मांग की है कि इस क्षेत्र में एक स्थायी पुल का निर्माण किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से निजात मिल सके और मुख्य पुल पर पड़ने वाला दबाव भी कम हो।