देशभर में बंद हुआ लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम, भागलपुर में भी कामकाज ठप

NALSA के फैसले के बाद भागलपुर में LADCS बंद हो गया है। अब जरूरतमंद कैदियों को कानूनी मदद के लिए बार एसोसिएशन का सहारा लेना होगा।

Puja Singh8 November 20261 min read0 viewsCity Local
देशभर में बंद हुआ लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम, भागलपुर में भी कामकाज ठप

कानूनी सहायता के लिए काम करने वाले लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) को पूरे देश में आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया गया है। नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) के निर्देश के बाद अब भागलपुर सहित देशभर के जिलों में यह व्यवस्था समाप्त हो गई है। इस फैसले के बाद अब उन कैदियों की चिंता बढ़ गई है जो आर्थिक तंगी के कारण वकील नहीं कर पाते थे।

NALSA ने अगस्त में ही यह निर्णय ले लिया था कि सितंबर के बाद LADCS काउंसलरों के कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू नहीं किए जाएंगे। भागलपुर में इस सिस्टम का औपचारिक अंत शनिवार को हुआ, जब चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसलर संजय सिन्हा का कार्यकाल समाप्त हो गया।

जरूरतमंद कैदियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

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इस व्यवस्था के बंद होने पर चिंता जताते हुए संजय सिन्हा ने कहा कि पिछले तीन सालों में भागलपुर में लगभग 2,000 आरोपियों और कैदियों की मदद की गई, जिससे कई लोगों को जमानत मिली और कई बरी हुए। उन्होंने आगाह किया कि जब तक कोई नई व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक उन कैदियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा जो गरीबी या अन्य कारणों से कानूनी प्रतिनिधित्व हासिल नहीं कर सकते।

अब आगे की प्रक्रिया क्या होगी, इस पर NALSA ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं:

  • जब तक कोई नया सिस्टम नहीं आता, प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज मामलों की सिफारिश संबंधित बार एसोसिएशन को करेंगे।
  • बार एसोसिएशन उन जरूरतमंद कैदियों की मदद के लिए वकील नियुक्त करेगा।

वहीं, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन (DBA) भागलपुर के महासचिव अंजनी दुबे ने इस बदलाव को सकारात्मक नजरिए से देखा है। उनका कहना है कि इस नई प्रक्रिया से युवा वकीलों को आगे आने और अनुभव हासिल करने के बेहतर मौके मिलेंगे, क्योंकि DBA अब उन्हें केस आवंटित करेगा।

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