भागलपुर के रूपौली में लौटा तेंदुए का आतंक, दो लोगों पर हमला

भागलपुर जिले के रूपौली के टीकापट्टी थाना क्षेत्र के गोरिया सइरा टोला गांव में सोमवार देर रात तेंदुए के संभावित हमले के बाद से ग्रामीणों में भारी डर का माहौल है। स्थानीय लोगों ने जमीन पर पड़े पंजों के निशान तेंदुए के बताए हैं, हालांकि वन विभाग ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है।
- गोरिया सइरा टोला गांव में सोमवार देर रात हुए दो हमले
- पप्पू महतो और उनकी बकरी के बच्चे को बनाया निशाना
- वकील महतो के बछड़े पर भी हुआ हमला
- वन विभाग को सूचना मिलने पर जांच के लिए कर्मी भेजे जाएंगे
पप्पू महतो पर हमला
गोरिया सइरा टोला के रहने वाले पप्पू महतो ने बताया कि सोमवार रात करीब 9 बजे बिजली गुल होने के दौरान वह अपने घर के बाहर चबूतरे पर बैठे थे। तभी उन्होंने अपने बकरी के बच्चे की मिमियाने की आवाज सुनी। जब उन्होंने अपने मोबाइल फोन की लाइट जलाई, तो उन्होंने एक जानवर को बच्चे पर हमला करते हुए देखा। जब वह पास गए, तो जानवर ने बच्चे की नाक पर काट लिया और भाग गया। जैसे ही महतो अपने आंगन की तरफ पीछे हटे, जानवर ने उन पर भी हमला कर दिया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए रूपौली के रेफरल अस्पताल ले जाया गया। उनकी चाची रेखा देवी ने दावा किया कि जानवर तेंदुआ जैसा दिखता था।
दूसरी घटना और बछड़े पर हमला
सोमवार की रात करीब 1 बजे उसी गांव में दूसरी घटना की सूचना मिली। निवासी वकील महतो ने बताया कि बिजली गुल रहने के दौरान उनके बछड़े की तेज चीखों से उनकी नींद खुली। जब वह बाहर गए, तो उन्होंने एक जानवर को बछड़े के मुंह पर काटने के बाद भागते हुए देखा। उन्होंने भी चिंता जताई कि वह जानवर तेंदुआ था।
पिछली घटना और अधिकारियों के बयान
यह घटना 27 मई को हुई पिछली घटना के बाद सामने आई है, जब एक तेंदुए ने चकला मोर जमुआर बथियार के खेतों में काम कर रहे मजदूरों पर हमला कर दिया था, जिसमें चार लोग घायल हो गए थे। उस घटना में ग्रामीणों ने जानवर को घेरकर मार डाला था। उस हमले के बाद, वन विभाग ने इलाके की तलाशी के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया था और बकरियों को चारे के रूप में रखकर स्वचालित पिंजरे लगाए थे, हालांकि उस समय कोई अन्य जानवर नहीं पकड़ा गया था।
रूपौली रेफरल अस्पताल के डॉ. मदन मोहन दास ने पुष्टि की कि पप्पू महतो का इमरजेंसी वार्ड में इलाज किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि केवल देखे गए पंजों के निशान के आधार पर किसी खास जंगली जानवर की पहचान करना मुश्किल है। बनमंखी रेंज के रेंजर राम प्रवेश ठाकुर ने बताया कि वन विभाग को अभी तक ग्रामीणों से इन ताजा घटनाओं की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने पुष्टि की कि गांव में किसी भी जंगली जानवर की मौजूदगी का पता लगाने के लिए मामले की जांच के वास्ते कर्मियों को भेजा जाएगा।