अद्भुत चमत्कार: भागलपुर के अजमाबाद में मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित

भागलपुर के रंगरा चौक क्षेत्र के अजमाबाद में मां दुर्गा की मूर्ति की औपचारिक स्थापना की गई है, जिससे स्थानीय भक्तों में काफी उत्साह है। यह स्थापना चल रहे दुर्गा पूजा समारोह का हिस्सा है, जिसमें आयोजक कार्यक्रम के सुचारू प्रबंधन के लिए लगन से काम कर रहे हैं।
मंदिर का इतिहास स्थानीय लोककथाओं से जुड़ा है, जिसमें दावा किया गया है कि मां दुर्गा की एक मूर्ति मूल रूप से गंगा में तैरकर अजमाबाद आई थी। निवासियों के अनुसार, मूर्ति को स्थानांतरित करने के प्रयासों के बावजूद इसे हिलाया नहीं जा सका, जिससे ग्रामीणों ने इस घटना को एक चमत्कार माना और बाद में इस स्थल पर एक मंदिर का निर्माण किया।
मंदिर की स्थापना और प्रबंधन
यह मंदिर 1995 में जमींदार बाबू सिंहेश्वर नाथ चौधरी द्वारा स्थापित किया गया था, और वर्तमान में इसका प्रबंधन मातृ शर्मा, जिन्हें बुद्धदेव शर्मा भी कहा जाता है, द्वारा किया जाता है। स्थानीय पूजा समिति त्योहार की तैयारियों की सक्रिय रूप से देखरेख कर रही है।
पूजा समिति के सदस्य
समिति का नेतृत्व अध्यक्ष मातृ शर्मा, सचिव सुभाष रजक और कोषाध्यक्ष रघुवंश रजक कर रहे हैं। समिति के अन्य सदस्यों में राजेश राय, शैलेश शर्मा, महंत शर्मा, अरविंद शर्मा, अर्जुन राय और बबलू शर्मा शामिल हैं। यह मंदिर स्थानीय आस्था और सामाजिक एकता के प्रतीक के रूप में अपनी सेवा जारी रखे हुए है।