शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि यानी महानावमी पर सिल्क सिटी भागलपुर पूरी तरह भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। पूजा पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस वर्ष शहर का सबसे बड़ा आकर्षण मारवाड़ी पाठशाला मैदान में बना पूजा पंडाल रहा, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। मारवाड़ी पाठशाला मैदान में युवक संघ द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा इस बार हर किसी के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां 1958 से चली आ रही करीब सात दशक पुरानी परंपरा को निभाते हुए इस साल ओडिशा के प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल तैयार किया गया है।
कोलकाता के कुशल कारीगरों द्वारा तैयार की गई मंदिर की यह शैली, इसकी अद्भुत कलाकारी और विद्युत सज्जा श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रही है। पंडाल में माता रानी की दिव्य प्रतिमा का दर्शन करने के लिए महानावमी पर पैर रखने की भी जगह नहीं बची है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लेने के लिए भागलपुर के जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने पुलिस बल के साथ शहर के विभिन्न पूजा पंडालों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, प्रवेश और निकास द्वारों की व्यवस्था को बारीकी से परखा।
जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने निरीक्षण के बाद कहा कि सभी पूजा पंडालों और संवेदनशील मेला क्षेत्रों में दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। विसर्जन घाटों पर भी विशेष लाइटिंग और सुरक्षा व्यवस्था के कड़े निर्देश दिए गए हैं। वहीं
एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा, पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पंडालों में स्वयंसेवक भी प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। हुड़दंगियों और अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस की पैनी नजर है, और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। मुख्य मार्गों पर पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च निकाला गया है ताकि आम जनता में सुरक्षा का भरोसा बना रहे। शहर के व्यस्त बाजारों में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है और पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए तीसरी आंख का सहारा लिया जा रहा है। देर रात तक मां दुर्गा के जयकारों और रोशनी से जगमगाता भागलपुर एक अलग ही उत्सव का अहसास करा रहा है। पूजा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन द्वारा जिले में लगभग 2000 पदाधिकारियों और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती। सुप्रीम कोर्ट के नियमों के तहत रात 10:00 बजे के बाद डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध। प्रमुख चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले पंडालों में सीसीटीवी कैमरों की अनिवार्यता। पंडालों में श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते औरप्रतिमा विसर्जन मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था तथा घाटों पर लाइट्स और कृत्रिम तालाबों में रैंप का निर्माण।