भागलपुर के संदीस कंपाउंड में महाशक्ति सनातन धर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 23 अगस्त 2026 को ओपन एयर थिएटर (स्टेशन क्लब) में दोपहर 2:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक हुआ, जिसमें कुछ हिस्से खराब मौसम के बावजूद रात 3:00 बजे तक चले। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति को बढ़ावा देना और एक समृद्ध स्वर्ण बिहार तथा शक्तिशाली अखंड भारत का संकल्प लेना था।
- यह आयोजन सनातन रक्षा वाहिनी के तत्वावधान में किया गया था।
- इसमें बाबा बुढ़नाथ महादेव मंदिर न्यास परिषद, अखंड आरंभ फाउंडेशन, जिला बास्केटबॉल एसोसिएशन, खुशहाल भारत, भगवा क्रांति, जागृत युवा समिति और सेंट्रल रेलवे पैसेंजर एसोसिएशन जैसे कई संगठन शामिल थे।
निरंजनी अखाड़ा, जूना अखाड़ा, कामाख्या शक्तिपीठ, विंध्याचल-प्रयागराज और अयोध्या जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के प्रख्यात संत और महामंडलेश्वर इस सम्मेलन में शामिल हुए।
इस आयोजन में कई जाने-माने संत और आचार्य उपस्थित रहे। उल्लेखनीय प्रतिभागियों में सनातन किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर माता कौशल्या नंद गिरी, महामंडलेश्वर डॉ. रमन पुरी महाराज, महंत शिव नारायण गिरी महाराज, कौलाचार्य स्वामी अभयानंदनाथ (पंडित जीवेश्वर मिश्रा), महामंडलेश्वर योग माता राधिका पुरी, शक्ति उपासक मां कावेरी प्रज्ञा, महामंडलेश्वर गोल्डन माता रुद्राणी, श्री अवधूत आनंद दास महाराज और वैदेही नंदन बाल व्यास वेदांत महाराज शामिल थे।
सम्मेलन के बाद, 24 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय विमर्श कार्य प्रमुख और प्रचार टोली के सदस्य श्री मुकुल कानिटकर ने 'पंचजन्य सुशासन संवाद' को संबोधित किया।
उन्होंने भारत के विभाजन पर विचार व्यक्त किए और एक अखंड भारत के चिरस्थायी सपने को फिर से दोहराया।