मंदाठा में श्रीमद् भागवत महायज्ञ का समापन, महाभंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

जमुई के मंदाठा गांव में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महायज्ञ संपन्न हुआ। पंडित रविशंकर पांडेय ने सुनाईं कृष्ण लीलाएं।

Puja Singh6 November 20262 min read0 viewsCity Local
मंदाठा में श्रीमद् भागवत महायज्ञ का समापन, महाभंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

जमुई के सोनो ब्लॉक स्थित मंदाठा गांव के पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय 'श्री श्री 108 श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ' का शुक्रवार को भव्य समापन हो गया। इस आध्यात्मिक आयोजन के आखिरी दिन वैदिक मंत्रोच्चार और पूर्णाहुति के साथ वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। समापन के अवसर पर आयोजित महाभंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और प्रसाद ग्रहण किया।

मुख्य आचार्य पंडित रविशंकर पांडेय के मार्गदर्शन में आयोजित इस कथा के दौरान पिछले सात दिनों से श्रद्धालु भगवान कृष्ण की भक्ति में लीन थे। पंडित पांडेय ने अपनी कथा शैली से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने भगवान कृष्ण के बचपन की शरारतों, उनकी दिव्य रासलीला, कंस वध और सुदामा की मित्रता जैसे प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।

कार्तिक मास की महिमा और सामाजिक समरसता

MyBhagalpur की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

समापन सत्र के दौरान पंडित रविशंकर पांडेय ने कार्तिक मास के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में यह महीना अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। उनके अनुसार, इस समय भागवत कथा सुनना और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेना मन की अशुद्धियों और तामसी प्रवृत्तियों को नष्ट करने में सहायक होता है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे आयोजनों से न केवल व्यक्तिगत आध्यात्मिक शांति मिलती है, बल्कि समाज में आपसी सद्भाव और समृद्धि भी आती है।

इस महायज्ञ में केवल मंदाठा ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों जैसे बलथर, चुरहेट, सोनराडीह, केवली, जुगडी और मंझरो से बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवा शामिल हुए। हर शाम शंख की ध्वनि और मंदिर की घंटियों से पूरा इलाका गूंज उठता था।

कार्यक्रम की सफलता में यज्ञ समिति के वरिष्ठ सदस्यों कैलाश प्रसाद साओ और मोती साओ सहित मुख्य मेजबान ओमकार साओ, अभिषेक कुमार साओ, शिवेंदु साओ, गणेश साओ, पुरुषोत्तम साओ, मिथिलेश मंडल और राजेंद्र राम की अहम भूमिका रही। साथ ही मंदाठा गांव के निवासियों और स्थानीय स्वयंसेवकों के सहयोग से इस आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

Share:

Comments

Leave a comment