भागलपुर में दिखी अनोखी परंपरा, महाशय ड्योढ़ी और सुजापुर में सजी मेध

भागलपुर के नाथनगर में षष्ठी पूजा के दिन शुक्रवार को महाशय ड्योढ़ी और सुजापुर दुर्गा स्थान मंदिरों में पुरानी 'मेध पर मेध' परंपरा निभाई गई। यह रस्म बंगाली परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरी की गई और इसका बहुत सांस्कृतिक महत्व है। 'मेध पर मेध' का मतलब 'चाली' यानी तख्तो को एक के ऊपर एक रखना है। नीचे वाले हिस्से में मां दुर्गा के साथ मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, सिद्धि विनायक गणेश और भगवान कार्तिकेय विराजमान रहते हैं। ऊपरी हिस्से में भगवान शिव, उनके वाहन नंदी और गण श्रृंगी व भृंगी होते हैं।