भागलपुर के नौगछिया में मनरेगा पशु शेड में गड़बड़ी की शिकायत पर जांच करने पहुंचे अधिकारियों को ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी समेत बंधक बना लिया। यह घटना कोसी नदी पार कदवा दियारा पंचायत में हुई। नौगछिया के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रेम कुमार और पंचायत रोजगार सेवक राजेश कुमार को ग्रामीणों ने ढाई घंटे तक बंधक बनाए रखा और बाद में छोड़ दिया।
- मनरेगा योजना 2020-21 के तहत बने पशु शेड की हो रही थी जांच।
- रंकाज कुमार सिंह की जमीन पर पशु शेड बनाने की मिली थी शिकायत।
- ग्रामीणों ने कागजात फाड़े और पुलिस जांच रिपोर्ट दिखाने की मांग की।
नौगछिया बीडीओ पंकज कुमार दास को मिली शिकायत के बाद अधिकारी शंभू कुमार सिंह के घर जांच करने पहुंचे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों ने शंभू सिंह की पत्नी पर पति के लौटने से पहले ही दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने कागजात छीनकर फाड़ दिए और अधिकारियों को बंधक बना लिया। ग्रामीणों का यह भी कहना था कि दो दिन पहले हुई पुलिस जांच की रिपोर्ट दिखाई जाए।
कार्यक्रम पदाधिकारी प्रेम कुमार ने बताया कि वे इस बात की जांच कर रहे थे कि 15 ग्रामीणों को सरकारी रिकॉर्ड में लाभार्थी बताया गया है, जबकि उन्हें न तो पैसे मिले और न ही उनके यहां पशु शेड बना है। कुमार ने इस हंगामे को एक गलतफहमी बताया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कागजों में पैसे मिलने और जमीन पर सच्चाई के बीच बहुत अंतर है। उन्होंने मांग की है कि निष्पक्ष जांच हो कि पैसे किसे मिले और निर्माण ठीक से हुआ या नहीं, साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।