भागलपुर का ऐतिहासिक मिरजानहाट स्कूल बदहाल, खतरे में 900 बच्चों की जान

MyBhagalpur Team5 October 20261 min read0 viewsSad/Bad
भागलपुर का ऐतिहासिक मिरजानहाट स्कूल बदहाल, खतरे में 900 बच्चों की जान

भागलपुर के दक्षिणी क्षेत्र में साल 1938 में बना ऐतिहासिक मिरजानहाट हाई स्कूल आज बहुत बुरी हालत में है और इसका ढांचा लगातार खराब हो रहा है। 88 साल पुराने इस स्कूल में 15 कमरे हैं और यह लगभग पूरी तरह से टूटने की कगार पर पहुंच चुका है, जिसके तीन कमरों की छतें पहले ही गिर चुकी हैं। इस समय कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 900 छात्र और 30 शिक्षक इस टूटे-फूटे और खतरनाक माहौल में रोजाना पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

रास्ते में भरा रहता है कीचड़ और गंदा पानी

कक्षाओं के अलावा स्कूल के सामने पर्यावरण से जुड़ी बड़ी समस्याएं भी हैं। बरसात के मौसम में स्कूल आने-जाने का रास्ता हफ्तों तक कीचड़ और सीवेज के गंदे पानी में डूबा रहता है। कक्षा 9 के छात्र मानव समेत अन्य छात्रों का कहना है कि फिसलन भरा और उबड़-खाबड़ रास्ता होने की वजह से अक्सर छात्र गिरकर चोटिल हो जाते हैं। कक्षा 11 की छात्रा ऊर्ज फातिमा ने बाकी बचे कमरों की जर्जर हालत के कारण हर समय हादसे का डर जताया, जबकि छात्र अंश कुमार ने स्कूल की खस्ता हालत पर शर्मिंदगी महसूस होने की बात कही।

अधिकारियों से मिल रहा है सिर्फ आश्वासन

स्कूल के प्रधानाचार्य कुमार पद्माकर ने बताया कि उन्होंने स्कूल भवन की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए स्थानीय प्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन दिया है, लेकिन इसके बदले में उन्हें सिर्फ जुबानी आश्वासन ही मिले हैं। इसके अलावा, प्रधानाचार्य ने स्कूल के गेट के बाहर पानी और सीवेज जमा होने की मुख्य वजह भागलपुर नगर निगम की खराब व्यवस्था को बताया है। स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है और सरकार के मॉडल स्कूल बनाने के दावों की तुलना इस ऐतिहासिक शिक्षण संस्थान की लगातार हो रही उपेक्षा से की है।

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