मिर्गागंज नगर पंचायत क्षेत्र के खगहा गांव स्थित महर्षि मेंही योग आश्रम परिसर में रविवार को प्रखंड स्तरीय मासिक संतमत सत्संग का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन की जानकारी धीरज कुमार ने दी। सत्संग में आसपास के दर्जनों गांवों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरे आश्रम का माहौल भक्तिमय हो गया।
स्वामी अमल बाबा, दशरथ बाबा, अनुभवानंद बाबा और जनार्दन बाबा समेत कई प्रमुख संतों ने सभा को संबोधित किया। संतों ने गुरु की महिमा, मानव जीवन के उद्देश्य और सत्संग व साधना के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
स्वामी अमल बाबा ने कहा कि सत्संग मानव जीवन को सही दिशा देता है और मानव शरीर ईश्वर प्राप्ति व आत्म-कल्याण का साधन है। उन्होंने नियमित साधना के जरिए सद्गुरु के दिखाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
दशरथ बाबा ने दुर्लभ मानव जीवन को पाकर सत्य, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने की अपील की। उन्होंने माता-पिता की सेवा और जरूरतमंदों की मदद को ही असली इंसानियत बताया।
अनुभवानंद बाबा ने संतमत की ध्यान पद्धतियों पर चर्चा करते हुए सूरत-शब्द-योग (नादानुसंधान) का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि ध्यान दिखावा नहीं बल्कि आंतरिक चेतना को जगाने का मार्ग है जो श्रद्धा, संयम और निरंतर अभ्यास से संभव है।
जनार्दन बाबा ने बताया कि सत्संग का असली सार संतों की शिक्षाओं को जीवन में उतारना है। उन्होंने सभी से अपने आचरण में प्रेम, करुणा और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। सभी संतों ने एक स्वर में कहा कि संसार नश्वर है और आत्म-कल्याण ही मानव जीवन का मुख्य लक्ष्य है।
इस कार्यक्रम में नागेश्वर बाबा, मंतलाल बाबा और अर्जुन बाबा सहित अन्य संत भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के दशरथ साह, वेदानंद साह, सुरेश साह, किशोर मालाकार, मदनलाल साह, विक्रम आनंद, अशोक शर्मा, विनोद कुमार, चंदेश्वरी साह और मोहन शर्मा पूरी सक्रियता के साथ जुटे रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद यानी भंडारे का आयोजन किया गया।