नगरपालिका ठेकेदारों का फूटा गुस्सा: 15 दिनों से अटका भुगतान, ईओ ने दिया जल्द निपटारे का भरोसा

नगरपालिका परिषद के निर्माण विभाग में काम करने वाले ठेकेदारों में इन दिनों भारी नाराजगी है। पिछले 10 से 15 दिनों से उनके भुगतान की फाइलें लंबित पड़ी हैं, जिससे ठेकेदारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। भुगतान न होने की वजह से उन्हें मजदूरों की मजदूरी देने और निर्माण सामग्री सप्लाई करने वाले सप्लायरों का पैसा चुकाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
इस समस्या को लेकर ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष इन्द्र नारायण माथुर के नेतृत्व में प्रभावित ठेकेदारों ने अधिशासी अधिकारी (ईओ) पवन कुमार से मुलाकात की। ठेकेदारों ने बताया कि करीब छह से सात लोगों की फाइलें रुकी हुई हैं, जबकि सभी काम नियमानुसार पूरे हो चुके हैं और बिल भी तैयार हैं। उन्हें जानकारी मिली थी कि ईओ ने कुछ फाइलों को 'परीक्षण' के लिए रोक रखा है और आगे के आदेश तक भुगतान न करने का निर्देश दिया है।
अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भुगतान जानबूझकर नहीं रोका गया। उन्होंने बताया कि कुछ फाइलों की जांच जरूरी थी, साथ ही संबंधित अकाउंटेंट के छुट्टी पर होने और कांवड़ यात्रा की प्रशासनिक व्यस्तता के कारण प्रक्रिया में देरी हुई। ईओ ने ठेकेदारों को आश्वासन दिया है कि सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर अगले दो से चार दिनों के भीतर लंबित भुगतान जारी कर दिया जाएगा।
ठेकेदारों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन अपने वादे के मुताबिक समय पर पैसा देगा। हालांकि, एसोसिएशन ने यह भी साफ किया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं हुआ, तो वे आगे की रणनीति बनाकर आंदोलन करने पर विचार करेंगे। फिलहाल सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।