भागलपुर के प्रसिद्ध चुनाव लड़ने वाले 'धरती पकड़' नार्मल बाजोरिया का 97 वर्ष की आयु में निधन

भागलपुर के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता और पूरे देश में 'धरती पकड़' के नाम से मशहूर नगरमल बाजोरिया का गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को पटना में निधन हो गया। उनकी उम्र 96 से 97 वर्ष के बीच थी और वे अपनी मौत से करीब 10 से 15 दिनों से उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। इस दुखद खबर से उनके परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर है।
नगरमल बाजोरिया से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
• उनका जन्म भारत की आजादी से पहले लाहौर, पाकिस्तान में हुआ था और उनका परिवार बाद में भागलपुर आ गया था।
• उन्होंने अपने जीवन में 280 से 284 चुनाव लड़ने का एक अनूठा रिकॉर्ड बनाया था।
• उन्होंने ग्राम पंचायत के पदों से लेकर भारत के राष्ट्रपति पद तक के लिए चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें कभी जीत नहीं मिली।
• उन्होंने इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और प्रणब मुखर्जी जैसे बड़े नेताओं के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
• उनके परिवार में तीन बेटे सतीश कुमार बाजोरिया, अजय कुमार बाजोरिया, दिलीप कुमार बाजोरिया और एक बेटी हैं।
शुरुआती जीवन और चुनावी सफर
नगरमल बाजोरिया ने गांव के चुनाव से लेकर देश के राष्ट्रपति पद तक के लिए पर्चा भरा था। हालांकि वे कभी कोई चुनाव नहीं जीते, लेकिन लोकतंत्र की प्रक्रिया में उनकी अटूट निष्ठा और लगातार चुनाव लड़ने के उनके जज्बे ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। वे लोकतंत्र में आम आदमी के अटूट विश्वास के प्रतीक के रूप में याद किए जाते हैं।
अंतिम संस्कार
भागलपुर के एम.पी. द्विवेदी रोड के रहने वाले नगरमल बाजोरिया अपने बाद तीन बेटे सतीश कुमार बाजोरिया, अजय कुमार बाजोरिया, और दिलीप कुमार बाजोरिया तथा एक बेटी को छोड़ गए हैं। जीवन के अंतिम वर्षों में वे समाज सेवा में गहरी रुचि रखते थे। उनका पार्थिव शरीर पटना से भागलपुर लाया गया, जहां शुक्रवार सुबह 4 सितंबर 2026 को बरारी घाट श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।