भागलपुर में नागपंचमी की धूम: मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़, विधि-विधान से हुई पूजा

भागलपुर में 25 जुलाई 2026 को नागपंचमी का पर्व बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस मौके पर शहर और आसपास के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। भक्तों ने सुबह से ही विषहरी मंदिरों, बुद्धनाथ मंदिर और चंपानगर स्थित ऐतिहासिक विषहरी स्थान पर पहुँचकर पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने नाग देवता, माता विषहरी और बिहुला को दूध, लावा और डलिया चढ़ाकर अपनी आस्था प्रकट की।
धार्मिक आयोजन केवल मुख्य स्थलों तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि शिव शक्ति, भूतनाथ और कुपेश्वरनाथ मंदिरों में भी भगवान शिव और नाग देवता की विशेष पूजा की गई। इन सभी स्थानों पर आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विषहरी पूजा महासमिति ने व्यवस्थाओं का पूरा जिम्मा संभाला, ताकि लोगों को दर्शन करने में कोई परेशानी न हो।
अंग क्षेत्र में इस दिन को 'बेड़ा पंचमी' के रूप में भी मनाया जाता है। यह सांस्कृतिक परंपरा माता मनसा की पूजा और बिहुला-विषहरी की लोककथा से गहराई से जुड़ी हुई है। लोग इस दिन अपनी परंपराओं और लोक कथाओं को याद करते हुए विशेष पूजा करते हैं।
जहाँ वाराणसी, उज्जैन, मोतिहारी और गोरखनाथ मंदिर जैसे शहरों में नागपंचमी पर कुश्ती प्रतियोगिताओं का रिवाज है, वहीं इस साल भागलपुर में नागपंचमी के अवसर पर किसी आधिकारिक कुश्ती प्रतियोगिता की खबर नहीं मिली। जिले में कुश्ती की बड़ी गतिविधि 'भागलपुर महादंगल 2026' के रूप में फरवरी 2026 में ही हो चुकी थी, जिसका जुलाई के इस पर्व से कोई संबंध नहीं था।