भागलपुर के किसानों और मछुआरों को अब नहीं सताएंगे बिचौलिए, मंत्री नंद किशोर राम का बड़ा ऐलान
बिहार के मंत्री नंद किशोर राम ने भागलपुर में बिचौलियों को खत्म कर किसानों और मछुआरों के खातों में सीधे सब्सिडी भेजने का ऐलान किया है।

भागलपुर के ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी और मछली पालन से जुड़े लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। बिहार के मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम ने जिले का दौरा किया और यह साफ कर दिया कि अब सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसी बिचौलिए के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। मंत्री ने ऐलान किया है कि किसानों, डेयरी उत्पादकों और मछुआरों को मिलने वाली हर सब्सिडी और सरकारी मदद अब सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी, ताकि पूरी पारदर्शिता बनी रहे।
सर्किट हाउस पहुंचने पर मंत्री का स्वागत भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष कुमार और एनडीए गठबंधन के प्रतिनिधियों ने किया। इस दौरान स्थानीय नेताओं और आम नागरिकों ने पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्र में आने वाली जमीनी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। मंत्री ने माना कि प्रशासनिक खामियों की वजह से कई बार छोटे किसानों और मछुआरों तक सरकारी मदद नहीं पहुंच पाती थी, जिसे अब पूरी तरह खत्म किया जाएगा।
गंगा किनारे बसे भागलपुर को बनाया जाएगा डेयरी और फिशरी हब
मंत्री नंद किशोर राम ने कहा कि गंगा नदी के तट पर स्थित होने के कारण भागलपुर में डेयरी और मछली उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार इन उद्योगों को आधुनिक बनाने के लिए जरूरी वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करेगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है, ताकि युवाओं को काम की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े।
अब इस योजना को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की है। मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए आवेदन प्रक्रिया को इतना सरल बनाया जाए कि ग्रामीण निवासी आसानी से इसे समझ सकें और इसका लाभ उठा सकें। उम्मीद है कि इस कदम से भागलपुर न केवल एक बड़ा डेयरी और मत्स्य केंद्र बनेगा, बल्कि यहां के लोगों की आर्थिक स्थिति में भी बड़ा सुधार आएगा।