नाथनगर में लंगूरों का खौफनाक आतंक, आधे दर्जन से अधिक लोग घायल

MyBhagalpur Team28 September 20262 min read4 viewsCity Local
नाथनगर में लंगूरों का खौफनाक आतंक, आधे दर्जन से अधिक लोग घायल

भागलपुर के नाथनगर थाना क्षेत्र के घोषी टोla में पिछले कई दिनों से बंदरों और लंगूरों के झुंड ने आतंक मचा रखा है। इलाके में अचानक हुए इन हमलों से पूरे मोहल्ले में दहशत और डर का माहौल व्याप्त है।

  • एक ही परिवार के बुजुर्गों और महिलाओं सहित आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को बंदरों ने काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया है।
  • सभी घायलों का इलाज भागलपुर सदर अस्पताल में कराया जा रहा है, जहां कई लोगों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
  • स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक बंदरों का एक बड़ा झुंड लगातार इलाके की छतों और गलियों में घूम रहा है।
  • पीड़ितों में ज्यादातर बुजुर्ग और महिलाएं शामिल हैं।

घोषी टोला में दहशत का माहौल

भागलपुर, 28 सितंबर (हि.स.)। जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र के घोषी टोला में पिछले कई दिनों से बंदरों और लंगूरों के झुंड ने आतंक मचा रखा है। इलाके में अचानक हुए इन हमलों से पूरे मोहल्ले में दहशत और डर का माहौल व्याप्त है। अब तक एक ही परिवार के बुजुर्गों और महिलाओं सहित आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को बंदरों ने काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया है। सभी घायलों का इलाज भागलपुर सदर अस्पताल में कराया जा रहा है, जहां कई लोगों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, बंदरों का एक बड़ा झुंड लगातार इलाके की छतों और गलियों में घूम रहा है। जैसे ही कोई व्यक्ति अकेला दिखता है या घर से बाहर निकलता है, बंदर अचानक उस पर हमला कर देते हैं। पीड़ितों में ज्यादातर बुजुर्ग और महिलाएं शामिल हैं, जिन्हें बंदरों ने हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में बुरी तरह काटकर लहूलुहान कर दिया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि लोग अब अपने ही घरों से बाहर निकलने और बच्चों को स्कूल भेजने में डर रहे हैं।

वन विभाग की लापरवाही से नाराजगी

मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार वन विभाग को सूचित किया गया और लिखित शिकायतें भी की गईं। इसके बावजूद विभाग की टीम ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। काफी हंगामे और दबाव के बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची जरूर, लेकिन महज औपचारिकता निभाकर लौट गई। झुंड में हमलावर लंगूर की पहचान न हो पाने के कारण टीम उसे पकड़ने में नाकाम रही। स्थानीय लोगों ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इलाके में विशेष कैंप लगाकर पिंजड़ा लगाया जाए और जल्द से जल्द इन बंदरों को पकड़कर राहत दिलाई जाए।

डॉक्टरों की सलाह

इधर, सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद एंटी-रेबीज इंजेक्शन दिया जा रहा है। डॉक्टरों ने स्थानीय लोगों को सलाह दी है कि यदि कोई बंदर या लंगूर काटता है, तो घाव को तुरंत बहते पानी और साबुन से कम से कम 10 मिनट तक धोएं और बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचें। लापरवाही बरतने पर संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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