भागलपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, आपसी सहमति से निपटे मामले

MyBhagalpur Team12 September 20262 min read15 viewsCity Local
भागलपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, आपसी सहमति से निपटे मामले

भागलपुर में शनिवार को साल की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पटना के निर्देश पर किया गया। लंबित मामलों के जल्दी समाधान के लिए पूरे जिले में 27 बेंच बनाई गईं। कार्यवाही में बड़ी संख्या में वादकारी और संबंधित पक्ष शामिल हुए, जिनका पूरा ध्यान आपसी समझौते और सुलह के जरिए विवादों को सुलझाने पर था। ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों सहित विभिन्न श्रेणियों के मामलों को संभालने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे।

प्रमुख अधिकारी रहे मौजूद

इस कार्यक्रम में जिला और सत्र जज, जिला मजिस्ट्रेट अलंकारिता पांडे, सीनियर एसपी प्रमोद कुमार यादव, फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

लंबित मामलों पर आंकड़े

जिला और सत्र जज ने लोक अदालत की जरूरत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि देश भर में लगभग साढ़े पांच करोड़ मामले लंबित हैं, जबकि बिहार में करीब चौसठ लाख मामले पेंडिंग हैं। उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि कुल लंबित मामलों में से लगभग चालीस लाख मामले आपराधिक प्रकृति के हैं, जबकि करीब दस लाख मामले शमनीय आपराधिक मामलों की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने उपभोक्ता अदालतों, शिक्षा न्यायाधिकरणों और अन्य संस्थानों से और अधिक मामलों को तेजी से समाधान के लिए लोक अदालत में लाने की जरूरत पर जोर दिया।

लोक अदालत के फायदे

लोक अदालत की प्रक्रिया के जरिए सुलझाए गए मामलों को आमतौर पर अंतिम माना जाता है, जिसमें अपील का कोई आगे प्रावधान नहीं होता है, जिससे वादकारियों का समय और पैसा दोनों बचता है। यह कार्यवाही पूरी तरह से मुफ्त की जाती है और नियम के अनुसार समझौता होने पर पक्षकारों को कोर्ट फीस का रिफंड मिलता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लंबी अदालती लड़ाई के बजाय बातचीत और आम सहमति से विवादों को सुलझाना है।

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