भागलपुर सिविल कोर्ट के साथ-साथ नवगछिया और कहलगांव के अनुमंडल अदालतों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रभारी जिला जज और एडीजे-द्वितीय दीपक कुमार, जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडे, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव और परिवार न्यायालय के प्रधान जज राजकुमार राजपूत ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत से जुड़े मुख्य बिंदु:
- भागलपुर सिविल कोर्ट, नवगछिया और कहलगांव अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन।
- आपसी समझौते से मामलों के निपटारे से समय और पैसों की बचत।
- एमएसीटी मामलों में 4 करोड़ 50 लाख 20 हजार रुपये का मुआवजा।
- ट्रैफिक चालान के लिए जिला स्कूल परिसर में विशेष बेंच।
प्रभारी जिला जज दीपक कुमार ने बताया कि लोक अदालत विवादों को हमेशा के लिए खत्म करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रक्रिया से दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते से समय और पैसों की बचत होती है, जिससे सालों की कानूनी लड़ाई और कोर्ट फीस से राहत मिलती है। इसके अलावा, इस प्रक्रिया का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देना है, क्योंकि इसमें कोई हारता या जीतता नहीं है, बल्कि आपसी सहमति से शांति स्थापित होती है।
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) के मामलों में एक बड़ा वित्तीय समझौता हुआ। 9 सितंबर से 11 सितंबर के बीच न्यायाधिकरण के अध्यक्ष विजय कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने विशेष सुनवाई की। बीमा कंपनियों और वाहन मालिकों के बीच हुए समझौते के जरिए कुल 45 दुर्घटना दावा मामलों का निपटारा किया गया, जिसमें कुल 4 करोड़ 50 लाख 20 हजार रुपये का मुआवजा तय हुआ। आज मुख्य लोक अदालत स्थल पर इन मामलों का अंतिम निपटारा किया गया और पीड़ितों को मुआवजे की राशि वितरित की गई।
ई-चालान विवादों और ट्रैफिक मामलों के निपटारे के लिए भागलपुर के जिला स्कूल परिसर में एक विशेष बेंच बनाई गई है। वाहन मालिक वहां अपने लंबित चालान ठीक करवा सकते हैं और छूट के साथ मौके पर ही समाधान पा सकते हैं।
सुबह से ही भागलपुर सिविल कोर्ट, नवगछिया और कहलगांव की अदालतों में वादकारियों की भारी भीड़ जुटी हुई है। लोक अदालत में बैंक लोन वसूली, चेक बाउंस (एनआई एक्ट की धारा 138), बिजली और पानी के बिल के बकाये, पारिवारिक विवाद, श्रम मामले, भूमि अधिग्रहण, राजस्व मामले और समझौते योग्य सभी आपराधिक मामलों की सुनवाई हो रही है।