भागलपुर जिला में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से साल 2026 की तीसरी नेशनल लोक अदालत लगाई गई। इसमें भागलपुर, नवगछिया और कहलगांव में कुल 34 बेंचों पर सुनवाई की गई। अकेले भागलपुर में 27 बेंच बनाई गई थीं, जिनमें सिविल कोर्ट परिसर में 18, चालान मामलों के लिए जिला स्कूल में आठ और परिवहन से जुड़े मामलों के लिए राजकीय बालिका उच्च विद्यालय में एक बेंच शामिल थी। इस कार्यक्रम के दौरान कुल 16,946 मामलों का निपटारा किया गया।
इसमें 2,664 लंबित शमनीय मामले शामिल थे, जिनमें कुल 10,84,000 रुपये के समझौते हुए। इसके अलावा 21 पारिवारिक विवाद भी सुलझाए गए, जिनकी कुल समझौता राशि 107 लाख रुपये तक पहुँची। वित्तीय और दीवानी विवादों पर भी ध्यान दिया गया। बैंक से जुड़े कुल 1,449 मामलों में 10,16,91,667 रुपये का समझौता हुआ। बिजली से जुड़े 279 मामलों में 52,84,420 रुपये के समझौते हुए। मोटर वाहन दुर्घटना बीमा दावों में 9,80,06,000 रुपये की समझौता राशि तय की गई। इसके अलावा एनआई एक्ट के 12 मामले और कई अन्य छोटे-छोटे विवादों का भी निपटारा किया गया।
लोक अदालत का उद्घाटन जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए के कार्यकारी अध्यक्ष दीपक कुमार, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राज कुमार राजपूत, जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राज कपूर और डीएलएसए सचिव रंजीता कुमारी तथा अन्य अधिकारियों ने मिलकर दीप जलाकर किया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि लोक अदालत से लोगों का समय और पैसा दोनों बचता है और आपसी सहमति से विवाद सुलझने पर समाज में भाईचारा बढ़ता है।